टाटानगर-राउरकेला से कोसी-सीमांचल के लिए सीधी रेल सेवा की मांग, केंद्रीय रेल मंत्री को लिखा पत्र

जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने रेल मंत्री से राउरकेला-टाटानगर-किऊल-मानसी-सहरसा-पूर्णिया-कटिहार के बीच नई सीधी रेल सेवा शुरू करने की मांग की है. लाखों श्रमिकों, छात्रों और व्यापारियों को होने वाली परेशानी को देखते हुए यह जनहितकारी कदम उठाया गया है.

जमशेदपुर : जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर राउरकेला-टाटानगर-किऊल-मानसी-सहरसा-पूर्णिया-कटिहार के बीच सीधी नई रेल सेवा शुरू करने की मांग की है. उन्होंने ट्रेन संख्या 28181/28182 के मार्ग विस्तार या परिचालन में बदलाव का भी सुझाव दिया है. विधायक ने अपने पत्र में टाटानगर-सहरसा रेल सेवा समिति, आदित्यपुर, सरायकेला-खरसावां की ओर से रखी गई जनहितकारी मांगों का उल्लेख किया है. उन्होंने कहा कि कोसी और सीमांचल क्षेत्र के लाखों श्रमिक, विद्यार्थी, व्यापारी और नौकरीपेशा लोग रोजगार, शिक्षा, चिकित्सा और कारोबार के सिलसिले में टाटानगर, राउरकेला, चक्रधरपुर समेत झारखंड और ओडिशा के औद्योगिक एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में नियमित आवागमन करते हैं.

सीधी ट्रेन नहीं होने से यात्रियों को बदलनी पड़ती हैं कई ट्रेनें

पूर्णिमा साहू ने कहा - इन क्षेत्रों के बीच सीधी रेल सेवा उपलब्ध नहीं होने के कारण यात्रियों को कई बार ट्रेन बदलनी पड़ती है. इससे खासकर बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों, विद्यार्थियों और श्रमिकों को काफी परेशानी होती है. उन्होंने रेल मंत्री से राउरकेला-टाटानगर-किऊल-मानसी-सहरसा-पूर्णिया-कटिहार मार्ग पर नई दैनिक ट्रेन चलाने की मांग की है. साथ ही उपलब्ध रेक और रेल संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए ट्रेन संख्या 28181/28182 को टाटानगर के बजाय राउरकेला से शुरू और समाप्त करने पर विचार करने का सुझाव दिया है.

नई ट्रेन शुरू होने तक यह भी दिया सुझाव

विधायक ने सुझाव दिया कि जब तक नई ट्रेन की स्वीकृति और परिचालन नहीं होता, तब तक ट्रेन संख्या 28181/28182 को मानसी के बाद सप्ताह में कुछ दिनों के लिए सहरसा-मधेपुरा-पूर्णिया-कटिहार मार्ग से चलाया जा सकता है.

मखाना समेत कृषि उत्पादों के कारोबार को मिलेगा बढ़ावा

पूर्णिमा साहू ने कहा - सीधी रेल सेवा शुरू होने से कोसी और सीमांचल क्षेत्र को जमशेदपुर-राउरकेला औद्योगिक क्षेत्र से बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी. इससे यात्रियों की आवाजाही आसान होने के साथ मखाना सहित विभिन्न कृषि उत्पादों के व्यापार और विपणन को भी बढ़ावा मिल सकता है. इससे रेलवे के राजस्व में भी वृद्धि की संभावना है. विधायक ने रेल मंत्री से प्रस्ताव पर जनहित और व्यावसायिक दृष्टिकोण से सकारात्मक विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि इस रेल सेवा से झारखंड, ओडिशा और बिहार के बीच आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक संपर्क और मजबूत होगा.


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लेखक के बारे में

By ब्रजेश सिंह

ब्रजेश सिंह. प्रभात खबर से कई सालों से जुड़े हुए है. 29 सालों का पत्रकारिता का अनुभव है. औद्योगिक, ट्रेड यूनियन, क्राइम, प्रशासनिक, सरकार, राजनीति के जानकार है.

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