डिजिटल संसाधनों के उपयोग में लापरवाही बरतने वाले प्रिंसिपल और शिक्षकों पर सीधी अनुशासनिक कार्रवाई होगी
Jamshedpur News :
पूर्वी सिंहभूम जिले के सरकारी स्कूलों में अब डिजिटल शिक्षा केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिखेगी. जिला शिक्षा पदाधिकारी सह जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मनोज कुमार ने जिले के सभी आइसीटी और स्मार्ट क्लास युक्त स्कूलों के लिए कड़े निर्देश जारी किये हैं. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने एक पत्र जारी करते हुए स्पष्ट किया गया है कि डिजिटल संसाधनों के उपयोग में लापरवाही बरतने वाले प्रिंसिपल और शिक्षकों पर सीधी अनुशासनिक कार्रवाई की जायेगी.
हर क्लास के लिए हफ्ते में 2 कंप्यूटर कक्षाएं अनिवार्य
नये निर्देशों के अनुसार, कक्षा 6 से 12 तक के प्रत्येक सेक्शन के लिए सप्ताह में कम से कम दो कंप्यूटर कक्षाएं संचालित करना अनिवार्य कर दिया गया है. इसके साथ ही, अन्य नियमित विषयों की पढ़ाई भी स्मार्ट क्लास के माध्यम से ही करानी होगी.
जेएचपीएमएस पोर्टल पर प्रतिदिन देनी होगी हाजिरी
डिजिटल पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने तकनीक का सहारा लिया है. अब स्कूलों को प्रतिदिन आइसीटी/स्मार्ट क्लास के उपयोग से संबंधित टाइमस्टैंप (समय और स्थान अंकित) फोटोग्राफ्स को जेएचपीएमएस पोर्टल पर अपलोड करना होगा.
आइसीटी इंस्ट्रक्टर और शिक्षकों की तय हुई जवाबदेही
आइसीटी इंस्ट्रक्टर:
इनका मुख्य काम छात्रों को सिलेबस के अनुसार कंप्यूटर पढ़ाना, लैब का मेंटेनेंस करना और नियमित शिक्षकों को आधुनिक टूल्स की ट्रेनिंग देना होगा.
प्रिंसिपल व शिक्षक :
स्कूल रूटीन में कंप्यूटर विषय को शामिल करना और जे-गुरुजी एप व जेसीइआरटी द्वारा उपलब्ध कराये गये ई-कंटेंट का नियमित उपयोग सुनिश्चित करना इनकी जिम्मेदारी होगी.
सुरक्षा और मेंटेनेंस पर बल
स्मार्ट क्लास के उपकरणों की सुरक्षा के लिए विद्यालय विकास अनुदान से मजबूत लॉक, ग्रिल गेट और पानी के रिसाव से बचाव के इंतजाम करने को कहा गया है. यदि किसी कारणवश लैब फंक्शनल नहीं है, तो तुरंत संबंधित एजेंसी को सूचित करने को कहा गया है.
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