कंपनियां सीएसआर के तहत आसपास की बस्तियों को शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार में प्राथमिकता दे : दलगोविंद

जमशेदपुर में झामुमो ने स्थानीय कंपनियों के रवैये पर नाराजगी जताई है. उन्होंने सीएसआर के तहत आसपास की बस्तियों के स्कूलों, स्वास्थ्य और रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग की है. कंपनियां जनहित में काम नहीं कर रही हैं, जिससे लोगों में असंतोष है.

जमशेदपुर : बारीडीह स्थित झामुमो कार्यालय में रविवार को संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया. इसमें पूर्व नगर अध्यक्ष दलगोविंद लोहरा ने स्थानीय कंपनियों के रवैये पर रोष जताया. उन्होंने कहा - नियमानुसार कंपनियों को अपने 2-3 किलोमीटर के दायरे में आने वाली बस्तियों में सीएसआर के तहत सामाजिक कार्य करने होते हैं. लेकिन, कंपनियां जनहित में कोई काम नहीं कर रही हैं. इससे क्षेत्र के लोगों में भारी असंतोष व्याप्त है.

बाढ़ पीड़ितों को सहायता प्रदान करने की मांग

झामुमो ने कंपनियों से मांग की कि वे बस्तियों के स्कूलों में पठन-पाठन सामग्री, जर्जर भवनों का जीर्णोद्धार, नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर, गर्भवती महिलाओं का इलाज व बाढ़ पीड़ितों को सहायता प्रदान करें. साथ ही टीएसडीपीएल के एनएस ग्रुप को टाटा की अन्य कंपनियों की तर्ज पर समान भत्ता देने, स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और बहाली प्रक्रिया में 75 प्रतिशत स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की मांग रखी है.

सोमवार को कंपनी प्रबंधन को सौंपेंगे मांग पत्र

दलगोविंद लोहरा ने कहा - सोमवार को झामुमो व स्थानीय लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल कंपनी प्रबंधन को मांग पत्र सौंपेगा. कंपनियों को इन मांगों पर कार्रवाई के लिए 15 दिनों का समय दिया जायेगा. यदि तय समय सीमा के भीतर प्रबंधन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो झामुमो चरणबद्ध तरीके से धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा. संवाददाता सम्मेलन में दलगोविंद लोहरा, संदीप चक्रवर्ती, सोमनाथ विश्वास, बिष्णु प्रधान, राजू राम, शंकर ठाकुर, देवाशीष, शक्ति प्रसाद, विदेशी स्वांसी समेत अन्य मौजूद थे.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By दशमत सोरेन

दशमत सोरेन ने रांची विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर किया है. वे 29 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उनकी विशेषज्ञता मुख्य रूप से झारखंड की आदिवासी-मूलवासी राजनीति, स्थानीय समुदायों की भाषा-संस्कृति और यहां के सामाजिक ताना-बाना है. वे वर्ष 2010 से प्रभात खबर के साथ एक ट्राइबल रिपोर्टर के रूप में काम कर रहे हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >