कोयला परिवहन में आ रही परेशानियों और इससे उद्योगों को हो रहे नुकसान को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है. शनिवार को जिलाधीश कुणाल मोतिराम चव्हाण की अध्यक्षता में हुई बैठक में उद्योगों, ट्रांसपोर्टरों और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल बनाकर परिवहन व्यवस्था को सुचारु करने पर चर्चा की गई.
जिलाधीश कार्यालय स्थित डीएमएफ सम्मेलन कक्ष में हुई इस बैठक में एमसीएल, बड़े उद्योगों और ट्रक मालिक संघों के प्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक में कोयला, कच्चे माल और तैयार उत्पादों की ढुलाई के दौरान आने वाली समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया.
उद्योगों ने बताया कि परिवहन में बाधा आने से उत्पादन और कारोबार पर असर पड़ रहा है. जिंदल पावर लिमिटेड, जेएसडब्ल्यू एनर्जी (उत्कल) लिमिटेड, वेदांता समेत कई औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों ने कोयला परिवहन से जुड़ी परेशानियों और आर्थिक नुकसान की जानकारी प्रशासन को दी.
एक महीने के ट्रक मूवमेंट की होगी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधीश ने उपजिलाधिकारी को पिछले एक महीने में ट्रकों की आवाजाही और मौके की स्थिति की समीक्षा करने का निर्देश दिया है. उपजिलाधिकारी एमसीएल अधिकारियों और मां समलेई ट्रक मालिक संघ के अध्यक्ष के साथ क्षेत्र का दौरा कर वास्तविक स्थिति की जांच करेंगे और रिपोर्ट सौंपेंगे.
परिवहन रोकने वालों पर होगी कार्रवाई
बैठक में जिलाधीश ने साफ कहा कि परिवहन कार्य में अवैध रूप से बाधा डालने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने थाना प्रभारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और ढुलाई व्यवस्था में किसी भी तरह की रुकावट रोकने के निर्देश दिए.
ट्रक मालिक संघ के विवाद पर भी चर्चा
बैठक में ब्रजराजनगर ट्रक मालिक संघ के चुनाव और सदस्यता से जुड़े विवादों पर भी चर्चा हुई. प्रशासन ने सभी पक्षों के साथ समन्वय बनाकर समाधान निकालने पर जोर दिया.
बैठक में अतिरिक्त जिलाधीश (राजस्व) ललित सोरेंग, उपजिलाधिकारी सव्यसाची पंडा, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी प्रणय मिश्रा, डिप्टी कलेक्टर विजय नायक, पुलिस विभाग के अधिकारी समेत एमसीएल, वेदांता, जेएसडब्ल्यू-बीपीएसएल और विभिन्न ट्रांसपोर्ट संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे.
