आदित्यपुर में बोले चंपाई सोरेन - आर्टिकल 370 को हटा कर केंद्र सरकार ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दी सच्ची श्रद्धांजलि

Jamshedpur News: जमशेदपुर के आदित्यपुर में आयोजित डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने कहा कि आर्टिकल 370 हटाकर केंद्र सरकार ने उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी है. कार्यक्रम में महापौर संजय सरदार समेत बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे.

जमशेदपुर से संजीव भारद्वाज की रिपोर्ट

Jamshedpur News: पूर्व मुख्यमंत्री और सरायकेला विधानसभा क्षेत्र के विधायक चम्पाई सोरेन ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर केंद्र सरकार ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि दी है. उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने जिस भारत की कल्पना की थी, उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने साकार किया. चम्पाई सोरेन मंगलवार को आदित्यपुर स्थित स्वर्णरेखा गेस्ट हाउस में भाजपा आदित्यपुर मंडल की ओर से आयोजित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे. कार्यक्रम में आदित्यपुर नगर निगम के महापौर संजय सरदार सहित बड़ी संख्या में भाजपा नेता, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद थे.

श्रद्धा-सुमन अर्पित कर कार्यक्रम की हुई शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर और उन्हें श्रद्धांजलि देकर की गई. इस दौरान वक्ताओं ने उनके योगदान और राष्ट्र निर्माण में निभाई गई भूमिका को याद किया. अपने संबोधन में चम्पाई सोरेन ने कहा कि डॉ मुखर्जी राष्ट्रवाद, साहस, त्याग और सिद्धांतों की राजनीति के प्रतीक थे. उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन देश की एकता, अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया.

“एक देश में दो विधान नहीं चलेंगे” के नारे को किया याद

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” का नारा देकर तत्कालीन नीतियों का विरोध किया था. उन्होंने कहा कि डॉ मुखर्जी का यह सपना 5 अगस्त 2019 को साकार हुआ, जब केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को समाप्त किया. चम्पाई सोरेन ने कहा कि यह निर्णय केवल एक संवैधानिक बदलाव नहीं था, बल्कि देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया ऐतिहासिक कदम था.

देश विभाजन के समय निभाई गई भूमिका को भी किया याद

पूर्व मुख्यमंत्री ने वर्ष 1947 के घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के विभाजन के समय मुस्लिम लीग पूरे बंगाल को पाकिस्तान में शामिल करना चाहती थी. ऐसे समय में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसका कड़ा विरोध किया और हिंदू बहुल क्षेत्रों को भारत में बनाए रखने के लिए बंगाल के विभाजन की मांग की. उन्होंने कहा कि डॉ मुखर्जी के प्रयासों के कारण ही आज पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न हिस्सा है. उनके योगदान को देश कभी भुला नहीं सकता.

कार्यकर्ताओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान

चम्पाई सोरेन ने भाजपा कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि पार्टी की विचारधारा “राष्ट्र प्रथम, फिर पार्टी और अंत में स्वयं” की रही है. उन्होंने कहा कि यही सोच डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और कार्यों में भी दिखाई देती थी. उन्होंने कहा कि डॉ मुखर्जी के आदर्श आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति, सेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते रहेंगे.

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बड़ी संख्या में मौजूद रहे भाजपा नेता और कार्यकर्ता

इस अवसर पर आदित्यपुर नगर निगम के महापौर संजय सरदार ने भी डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों पर चलने का संकल्प दोहराया. कार्यक्रम में पूर्व उपमहापौर बॉबी सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष उदय सिंहदेव, पार्षद शांतनु घोष, मंडल अध्यक्ष गणेश कालिंदी, पूर्व मंडल अध्यक्ष देवेश महापात्र, रंजीत प्रधान, देवराज चाकी, गुरजीत सिंह, पवन महतो, बुबई शर्मा, अमन कुमार, भंबल दास समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय प्रबुद्धजन उपस्थित रहे.

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Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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