उत्तराखंड हादसे में पूर्वी सिंहभूम के मजदूर की मौत, डुमरिया के पलाशबनी में पसरा मातम

उत्तराखंड के चमोली टनल हादसे में जान गंवाने वाले डुमरिया के मजदूर विजय हांसदा का उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया। गांव में मातम का माहौल है।

डुमरिया,पूर्वी सिंहभूम: उत्तराखंड के चमोली जिले में टनल हादसे में जान गंवाने वाले डुमरिया प्रखंड के पलाशबनी गांव (नुदाइडीह टोला) निवासी विजय हांसदा (28) का पार्थिव शरीर शनिवार देर रात एंबुलेंस से उनके पैतृक गांव पहुंचा. रविवार को गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया. वहीं, हादसे में गंभीर रूप से घायल गांव के ही खेलाराम बेसरा का इलाज चमोली अस्पताल में चल रहा है. उनके दाहिने पैर में गंभीर चोट आई है और वे मेडिकल टीम की देखरेख में हैं.

अंतिम यात्रा में जुटे ग्रामीण व जनप्रतिनिधि

विजय हांसदा के अंतिम संस्कार में बीस सूत्री अध्यक्ष भगत बास्के, अर्जुन मुर्मू, काजमान सिंह सरदार, रामदास हेंब्रम, काडु मुर्मू, कमलेश मुर्मू और तानो मार्डी सहित दर्जनों झामुमो कार्यकर्ता व ग्रामीण शामिल हुए. सभी ने पीड़ित परिवार से मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें ढांढस बंधाया.

सुरंग हादसे में बाल-बाल बचे दो मजदूरों ने बयां की आपबीती

हादसे में बाल-बाल बचे गांव के दो मजदूर—गुंजन मार्डी (19) और भीलू मुर्मू (32)—भी गांव लौट आए हैं. उन्होंने बताया कि टनल के अंदर सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी की जाती है और मजदूरों से 8 घंटे के बजाय 12 घंटे काम लिया जाता है.

आधे घंटे के फेर में हुआ हादसा

गुंजन ने बताया कि घटना शाम करीब 6:30 बजे घटी, जबकि शाम 7:30 बजे उनकी छुट्टी होने वाली थी. विजय भी मजदूरी का भुगतान मिलने के बाद घर लौटने की तैयारी में था.

ऐसे बची जान

गुंजन मार्डी ने बताया कि घटना से कुछ ही समय पूर्व वह और केरुकोचा के हातीबारी निवासी राम मुर्मू फोरमैन के साथ सामान लेने बाहर गए थे, जिससे उनकी जान बच गई. वहीं भीलू मुर्मू टनल के भीतर ही कुछ दूरी पर पानी का पंप चला रहे थे. मलबे के साथ पानी आने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी कठिनाइयां आईं.


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लेखक के बारे में

By मो. युनूस परवेज

मो. युनूस परवेज वर्ष 1995 से पत्रकारिता कर रहे हैं. उन्होंने घाटशिला महाविद्यालय और रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक और राजनीतिक विज्ञान ऑनर्स की डिग्री हासिल की है. इनकी राजनीति, अपराध, नक्सलवाद, खेल, शिक्षा और खेती किसानी की खबरों में विशेष रुचि है. डिजिटल जर्नलिज्म में 5 साल का अनुभव है.

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