Jamshedpur news. पांच माह से एडिशनल कमिश्नर अपील के इंतजार के बाद विकल्प नहीं निकलता देख विवश होकर अपील फाइल करेंगे व्यवसायी

जीएसटी एमनेस्टी योजना का लाभ लेने का अंतिम माह है जून, अपील फाइल करने के एक माह में अपील विद ड्रॉ का सर्टिफिकेट अटैच करने का मिलता है मौका

Jamshedpur news.

जमशेदपुर की 150 से अधिक कंपनियां, कारोबारी और प्रतिष्ठानों ने अब तय कर लिया है कि वे झारखंड सरकार के वित्त विभाग के कारण जीएसटी एमनेस्टी योजना का लाभ लेने के लिए जून माह के अंतिम सप्ताह में अपना आवेदन देंगी. जीएसटी एमनेस्टी योजना का लाभ लेने वालों को एडिशनल कमिश्नर अपील के यहां दायर मामले को अपील विद ड्रॉ का सर्टिफिकेट अटैच कर इस योजना का लाभ लेने के लिए अपना आवेदन फाइल करना होता है. दूसरी स्थिति में आवेदन की कॉपी लगाकर भी इसे फाइल किये जा सकते हैं. आवेदन की कॉपी लगाकर फाइल करने वालों के साथ यह शर्त होती है कि उन्हें एक माह के अंदर अपील विद ड्रॉ का सर्टिफिकेट भी जीएसटी पोर्टल पर अपलोड करना होगा. ऐसा नहीं करने पर उनका क्लेम रिजेक्ट कर दिया जायेगा. जीएसटी एमनेस्टी योजना स्कीम का लाभ लेने के लिए अंतिम तिथि 30 जून तय की गयी है. जमशेदपुर में पिछले पांच माह से संबंधित विभाग के अधिकारी के नहीं रहने के कारण 150 से अधिक मामले लंबित हैं. स्कीम का लाभ उन्हें ही मिलेगा, जो आवेदन देंगे, अंतिम एक माह के नोटिस पीरियड में व्यवसायी-संस्थान यह सोच कर आवेदन फाइल करेंगे कि क्या पता जुलाई माह के अंत तक कोई न कोई अधिकारी इस विभाग का पदभार संभाल ही लेगा.

फेडरेशन चैंबर ऑफ कॉमर्स रांची और सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधिमंडल ने दो-दो बार यानी कुल चार बार वित्तमंत्री राधाकृष्ण किशोर से मिलकर वाणिज्य कर विभाग में अधिकारियों के किल्लत बयां कर चुके हैं, बावजूद इसके अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है. पिछले मुलाकात में सिंहभूम चेंबर के महासचिव मानव केडिया ने आग्रह किया था कि अपील मामले की देख-रेख करने के लिए किसी अधिकारी को स्थायी नहीं, तो कम से कम अस्थायी रूप से ही प्रभार प्रदान कर दें, उसका भी कोई हल नहीं निकला. जमशेदपुर वाणिज्य कर प्रमंडल में सिर्फ एक अधिकारी के नहीं रहने के कारण जमशेदपुर की 150 से अधिक कंपनियां, कारोबारी और प्रतिष्ठान को झारखंड सरकार के वित्त विभाग के कारण जीएसटी एमनेस्टी योजना से वंचित होना पड़ेगा.

एक जुलाई 2017 से 31 मार्च 2020 के मामलों पर मिलेगा लाभ

इस योजना के तहत पिछले तीन वित्तीय वर्ष के लिए करदाता ब्याज और जुर्माने की छूट के लिए आवेदन कर सकते हैं. इस योजना में वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 शामिल हैं. अगर ब्याज और जुर्माना पहले दिया जा चुका है, तो रिफंड नहीं होगा. जीएसटी एमनेस्टी योजना का लाभ लेने के लिए फॉर्म जीएसटी एसपीएल-01 या फॉर्म जीएसटी एसपीएल-02 में छूट के लिए आवेदन देना है. इस योजना के अंतर्गत करदाताओं को विलंब शुल्क में एकमुश्त छूट भी दी जायेगी. यह छूट एक जुलाई 2017 से 31 मार्च 2020 के बीच की कर अवधि के लिए बकाया जीएसटी मांगों पर प्रभावी होगी.

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By PRADIP CHANDRA KESHAV

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