जमशेदपुर. भारत आदिवासी पार्टी, पूर्वी सिंहभूम जिला इकाई की ओर से जिलाध्यक्ष मदन मोहन सोरेन के नेतृत्व में डीसी के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक ज्ञापन सौंपा गया. इसमें गुजरात के डेडियापाड़ा के विधायक चैतर भाई वसावा के मामले में संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत हस्तक्षेप करने और निष्पक्ष समीक्षा की मांग की गयी है. साथ ही पांचवीं अनुसूचित क्षेत्रों में वन कानूनों व अधिकारों पर सभी राज्यपालों की बैठक बुलाने का अनुरोध किया गया है.
जिलाध्यक्ष मदन मोहन सोरेन ने कहा कि देश भर में जल, जंगल और जमीन की रक्षा करने वाले आदिवासी आंदोलनकारियों व जनप्रतिनिधियों पर फर्जी मुकदमे दर्ज कर उनकी आवाज दबाई जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है. पार्टी आदिवासियों के संवैधानिक व भूमि अधिकारों की रक्षा के लिए देशव्यापी जनजागरण अभियान चलायेगी. इस अवसर पर प्रदेश महासचिव कृष्णा हांसदा, दामू प्रमाणिक, सुनील रजक और नवीन हांसदा सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे.
