Jamshedpur News : छात्रों के मनोविज्ञान को सशक्त करने की दिशा में मजबूत पहल है बाल मेला : सरयू राय
विधायक सरयू राय ने कहा है कि कोरोना महामारी के बाद बच्चों के मनोविज्ञान में बड़ा बदलाव देखा गया. महामारी के दौरान लंबे समय तक घरों में सीमित रहने से बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास पर प्रतिकूल असर पड़ा.
साकची के बोधि मैदान में 14 से 20 नवंबर तक चतुर्थ बाल मेला, तैयारियां जोरों पर
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विधायक सरयू राय ने कहा है कि कोरोना महामारी के बाद बच्चों के मनोविज्ञान में बड़ा बदलाव देखा गया. महामारी के दौरान लंबे समय तक घरों में सीमित रहने से बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास पर प्रतिकूल असर पड़ा. तब उन्हें लगा कि छात्रों के लिए कुछ ऐसा किया जाये, जिससे वे फिर से आत्मविश्वास और सामाजिक जुड़ाव महसूस कर सकें. इसी सोच के साथ वर्ष 2022 से बाल मेले की शुरुआत की गयी. साकची के बोधि मैदान में बाल मेला की तैयारियों के संबंध में आहूत बैठक में सरयू राय ने कहा कि 20 नवंबर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा बाल अधिकारों का चार्टर प्रकाशित किया गया था, जिसके बाद इसे विश्व बाल दिवस के रूप में मनाया जाने लगा. इस अवसर पर बच्चों के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास से संबंधित कई कार्यक्रम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किये जाते हैं. बैठक में मुख्य रूप से गोविंद दोदराजका, शिव शंकर सिंह, शैलेंद्र सिंह, शिव पूजन सिंह, अशोक गोयल, आशुतोष राय, सुबोध श्रीवास्तव, मुकुल मिश्रा, अजय श्रीवास्तव, चित्तरंजन वर्मा, नित्यानंद सिन्हा, धर्मेंद्र प्रसाद, विनोद राय, रविंद्र सिसोदिया, अजय गुप्ता आदि उपस्थित थे.विधायक सरयू राय ने कहा कि केंद्र सरकार ने बाल अधिकार अधिनियम लागू किया और महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से बच्चों के पोषण, शिक्षा और सुरक्षा के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं. फिर भी, झारखंड बाल विकास के क्षेत्र में पीछे है. यहां कुपोषण की समस्या गंभीर है. उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से बाल मेले का प्रचार-प्रसार करने की अपील की. मेले में 15 से 20 नवंबर तक विभिन्न आयु वर्गों के बच्चों के लिए चित्रकला, दौड़, कबड्डी, खो-खो, कुश्ती, शतरंज, भाषण, निबंध, नृत्य, योग, ताइक्वांडो, हैंड शैडो आदि प्रतियोगिता आयोजित होंगे. विशेष रूप से स्पेशल चाइल्ड व ब्लाइंड चाइल्ड इवेंट भी आयोजित किये जायेंगे, ताकि विशेष जरूरत वाले बच्चे अपनी प्रतिभा प्रदर्शित कर सकें. इनमें कक्षा 3 से 12 तक के विद्यार्थी भाग लेंगे. कक्षा 9 और 10 के बच्चों के लिए भाषण प्रतियोगिता का विषय हैः डिजिटल युग में बचपनकक्षा 11 और 12 के बच्चों के लिए भाषण का विषय हैः सोशल मीडिया और पहचान का संकटनिबंध प्रतियोगिताकक्षा 9 और 10 के बच्चों के लिए निबंध प्रतियोगिता का विषय है : स्वच्छ पर्यावरण स्वस्थ जीवन का आधारकक्षा 9 और 10 के बच्चों के लिए निबंध प्रतियोगिता का विषय है : आधुनिक युवा, उसकी समस्याएं और समाधानडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
