जमशेदपुर. सीएसआइआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल), जमशेदपुर में शुक्रवार को 'जिज्ञासा' पहल के तहत एक दिवसीय छात्र भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें अक्षर इंटरनेशनल स्कूल, जमशेदपुर के कुल 42 विद्यार्थी (27 छात्र और 15 छात्राएं) व 5 शिक्षक शामिल हुए. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना और नवाचार के प्रति जागरूक करना था. कार्यक्रम की शुरुआत में एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी ने कहा कि वैज्ञानिक जिज्ञासा ही नवाचार की नींव है. 'जिज्ञासा' जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से हमारा उद्देश्य युवा दिमागों को विज्ञान की खोज करने, सवाल पूछने और देश की तकनीकी प्रगति में योगदान देने के लिए प्रेरित करना है. इसके बाद आइएमडीसी डिवीजन के प्रमुख डॉ के. गोपाला कृष्णा ने राष्ट्रीय विकास में एनएमएल की भूमिका पर प्रकाश डाला.
वहीं, प्रोजेक्ट लीडर डॉ. अनिमेष जाना ने प्रेजेंटेशन के जरिये जिज्ञासा कार्यक्रम के उद्देश्यों को विस्तार से समझाया. भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को एनएमएल की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं को देखने का अवसर मिला. छात्रों ने क्रीप स्टडीज, एडवांस्ड एनालिटिकल कैरेक्टराइजेशन (एएसी), ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग और मेल्टिंग डिमॉन्स्ट्रेशन सुविधाओं का दौरा किया. वहां मौजूद वैज्ञानिकों और तकनीकी कर्मचारियों ने छात्रों को वैज्ञानिक उपकरणों, प्रयोगों और टिकाऊ तकनीकों के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी. कार्यक्रम के अंत में छात्रों और शिक्षकों ने इस ज्ञानवर्धक अनुभव के लिए आभार जताया.
