अबुआ आवास की पहली किस्त मिली, फिर थम गया काम... जानें क्या है पूरा मामला

अबुआ आवास योजना के तहत पहली किस्त मिलने के बाद दूसरी किस्त का भुगतान अटका, अधूरे मकानों को लेकर लाभुक परेशान, प्रशासन से जल्द राशि जारी करने की मांग.

गालूडीह: जोड़सा पंचायत के पीड्राबाद गांव निवासी मिरु मुर्मू को अबुआ आवास योजना के तहत घर मिलने की उम्मीद थी. योजना के तहत आवास की स्वीकृति मिलने के बाद पहली किस्त के रूप में 30 हजार रुपये का भुगतान भी हुआ. राशि मिलते ही उन्होंने आवास निर्माण का काम शुरू करा दिया, लेकिन पहली किस्त खर्च होने के बाद दूसरी किस्त का भुगतान नहीं होने से निर्माण कार्य बीच में ही रुक गया. अब उनका आवास अधूरा पड़ा है और परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

पहली किस्त मिली, नींव के बाद अटक गया निर्माण

मिरु मुर्मू के अनुसार, पिछले वर्ष उन्हें अबुआ आवास योजना के तहत आवास की स्वीकृति मिली थी. इसके बाद पहली किस्त के रूप में 30 हजार रुपये खाते में भेजे गये. राशि मिलने के बाद उन्होंने आवास निर्माण का कार्य शुरू कराया. नींव समेत अन्य जरूरी निर्माण कार्य पूरा कराने के बाद वे दूसरी किस्त मिलने का इंतजार करते रहे, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ.

दूसरी किस्त नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है. आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण मिरु मुर्मू अपने स्तर से मकान का निर्माण पूरा कराने में सक्षम नहीं हैं.

आर्थिक तंगी के बीच बढ़ी परेशानी

मिरु मुर्मू ने बताया कि अबुआ आवास योजना के तहत पक्का मकान मिलने की उम्मीद में उन्होंने निर्माण कार्य शुरू कराया था. पहली किस्त से किसी तरह नींव और शुरुआती काम कराया गया, लेकिन अगली किस्त नहीं मिलने से पूरा काम रुक गया. अधूरा मकान परिवार के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है.

उन्होंने संबंधित विभाग और प्रशासन से मामले की जांच कर लंबित दूसरी किस्त का जल्द भुगतान कराने की मांग की है, ताकि अधूरे आवास का निर्माण पूरा कराया जा सके.

कई लाभुकों की किस्त अटकी

ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत में मिरु मुर्मू के अलावा उर्मिला मुर्मू समेत कई अन्य अबुआ आवास लाभुकों का भी भुगतान अटका हुआ है. पहली किस्त मिलने के बाद लाभुकों ने निर्माण कार्य शुरू कराया, लेकिन अगली किस्त नहीं मिलने के कारण कई आवास अधूरे रह गये हैं.

लाभुकों का कहना है कि सरकार की योजना के तहत आवास स्वीकृत होने के बाद भी समय पर किस्त नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर लंबित किस्तों का जल्द भुगतान कराने की मांग की है.

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By Prabhat khabar news desk

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