व्यापारियाें काे यदि कुछ परेशानियां-आपत्तियां हैं ताे वे इसका समाधान लेकर भी आयें. विभाग व्यापारी वर्ग के साथ काफी सम्मानजनक तरीके से बाताें काे साझा कर रहा है. बिष्टुुपुर स्थित चेंबर भवन में बुधवार काे आयाेजित सेमिनार का दीप जलाकर उदघाटन वहां माैजूद अतिथियाें ने किया. सेमिनार काे संबाेधित करते हुए वाणिज्य कर विभाग के संयुक्त आयुक्त प्रशासन जय प्रकाश टाेप्पाे ने कहा कि जीएसटी काे लेकर विभाग के साथ व्यापारी वर्ग का पूर्ण सहयाेग प्राप्त है. अब तक 65 प्रतिशत एनरॉलमेंट हाे चुका है. जीएसटी की जानकारी देने के लिए शिविर लगाये जायेंगे. सेमिनार की अध्यक्षता चेंबर के अध्यक्ष सुरेश साेंथालिया ने की, संचालन सचिव दिलीप गाेलछा ने किया, जबकि विषय प्रवेश उपाध्यक्ष मानव केडिया ने कराया.
चेंबर में जीएसटी-वित्त बजट पर सेमिनार, बोले आयकर उपनिदेशक समाधान के साथ पहुंचें व्यापारी
जमशेदपुर: जीएसटी आैर वित्त बजट पर आयाेजित सेमिनार काे संबाेधित करते हुए आयकर विभाग के उप निदेशक (अन्वेषण) विजय कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा हाल में आय से जुड़े कई नियमाें में व्यापक परिवर्तन किया है. काराेबार में तकनीकी रूप से सहयाेगी सीए यदि एक पक्ष काे देखते हैं ताे विभाग के पास आैर […]

जमशेदपुर: जीएसटी आैर वित्त बजट पर आयाेजित सेमिनार काे संबाेधित करते हुए आयकर विभाग के उप निदेशक (अन्वेषण) विजय कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा हाल में आय से जुड़े कई नियमाें में व्यापक परिवर्तन किया है. काराेबार में तकनीकी रूप से सहयाेगी सीए यदि एक पक्ष काे देखते हैं ताे विभाग के पास आैर भी जानकारियां हाेती हैं.
प्रथम सत्र में सीए एसएस गुप्ता ने डायरेक्ट टैक्सेस में हुए बदलाव पर जानकारी प्रदान की. गलत सर्टिफिकेट देने पर सीए एवं अन्य सलाहकारों पर भी 10 हजार की पेनाल्टी होने की बात बतायी. अब चैरिटेबल संस्थान व एनजीओ के यहां भी आइटी सर्वे हाेगा. कालाधन रखने वालों पर 100 प्रतिशत टैक्स का प्रावधान है. द्वितीय सत्र में सीए अभिषेक टिबरेवाल ने कहा कि व्यापार में हो रहे परिवर्तनों काे गंभीरता से समझने का वक्त आ गया है. उन्हाेंने जीएसटी के मुख्य बिंदु सप्लाई, गुड्स, कर की दरें, एसजीएसटी, सीजीएसटी, आइजीएसटी,आइटीसी, रिटर्न आदि की जानकारी दी. एक साल के अंदर खरीदे गये इनवाइस पर की एक्साइज डयूटी-वैट का क्रेडिट जीएसटी से किया जा सकता है. कोषाध्यक्ष दिनेश चौधरी ने धन्यवाद ज्ञापन किया. सेमिनार में पर मुरलीधर केडिया, अशोक भालोटिया, सत्यनाराय, नितेध धूत, भरत वसानी, केएल मित्तल, किशन, विपिन, वीमेंस के प्राेफेसर आैर छात्राएं माैजूद थीं.