तकनीकी विकास को समझने की जरूरत
– टाटा स्टील के उपाध्यक्ष पार्थो सेनगुप्ता ने किया संबोधितजमशेदपुर : नेचुरल रिसोर्स का इस्तेमाल कर किस तरह इको फ्रेंडली माहौल बना सकते हैं, उस पर फोकस कर काम करने की जरूरत है. यह बात टाटा स्टील के उपाध्यक्ष (आरएम एंड सीएसआइ) पार्थो सेनगुप्ता ने कही.... वे शनिवार को सीएसआइआर-एनएमएल द्वारा आयोजित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस […]
– टाटा स्टील के उपाध्यक्ष पार्थो सेनगुप्ता ने किया संबोधित
जमशेदपुर : नेचुरल रिसोर्स का इस्तेमाल कर किस तरह इको फ्रेंडली माहौल बना सकते हैं, उस पर फोकस कर काम करने की जरूरत है. यह बात टाटा स्टील के उपाध्यक्ष (आरएम एंड सीएसआइ) पार्थो सेनगुप्ता ने कही.
वे शनिवार को सीएसआइआर-एनएमएल द्वारा आयोजित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे. श्री सेनगुप्ता ने कहा कि आर्थिक पृष्ठभूमि अनुसंधान और तकनीकी विकास को समझने की जरूरत है. अगले 20-30 साल में दुनिया की अर्थव्यवस्था और अधिक लचीले तरीके से बदलने वाली है.
अनुसंधान हेतु अपेक्षित उत्पादन प्राप्त करने के लिए कम से कम संसाधनों के उपयोग को आधार बनाया जाना चाहिए. एनएमएल के प्रेक्षागृह में हुए समारोह में एनएमएल के बिजनेस प्रबंधन के हेड डॉ आइसी चट्टोराज ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया.
उन्होंने कहा कि जनसंख्या की लगातार वृद्धि हो रही है, इस कारण मौजूदा संसाधनों का ही उपयोग कर प्रौद्योगिकी को बढ़ाया जाये, ताकि उत्पादन भी प्रभावित न हो. हमारे सामने यह भी चुनौती होगी कि कच्चे माल का कम इस्तेमाल कर बड़े स्तर पर कैसे लाभ पहुंचाने में सफल हों. एनएमएल के डायरेक्टर डॉ श्रीकांत ने मौजूदा समय में प्रौद्योगिकी की उपयोगिता पर प्रकाश डाला.
