31 खनिजों की श्रेणी घटायी गयी, राज्य सरकार बनायेगी नियमावली

– चार खनिज के लिए अलग दायरा बनाया गयाइन खनिजों को मेजर से माइनर मिनरल बनाया गया : एगेट, बाल क्ले, बारियेट्स, कालकेरियस सैंड, कैलसाइट, चॉक, चाइना क्ले, क्ले, कोरोंडम, डायसपोर, डोलोमाइट, डुनाइट, पैरॉक्सनाइट, फेलसाइट, फेलसपार, फायरक्ले, फुसाइट क्वार्टजाइट, जिप्सम, जैसपर, केयोलिन, लैटराइट, माइका, ओकर, पैरोफिलाइट, क्वार्टज, क्वार्टजाइट, सैंड, शेल, सिलिका सैंड, स्लेट, सोपस्टोन-स्टीटाटइट-टाल्क क्या […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 7, 2015 8:04 PM

– चार खनिज के लिए अलग दायरा बनाया गयाइन खनिजों को मेजर से माइनर मिनरल बनाया गया : एगेट, बाल क्ले, बारियेट्स, कालकेरियस सैंड, कैलसाइट, चॉक, चाइना क्ले, क्ले, कोरोंडम, डायसपोर, डोलोमाइट, डुनाइट, पैरॉक्सनाइट, फेलसाइट, फेलसपार, फायरक्ले, फुसाइट क्वार्टजाइट, जिप्सम, जैसपर, केयोलिन, लैटराइट, माइका, ओकर, पैरोफिलाइट, क्वार्टज, क्वार्टजाइट, सैंड, शेल, सिलिका सैंड, स्लेट, सोपस्टोन-स्टीटाटइट-टाल्क क्या होगा लाभ * राज्य सरकार लीज देने पर फैसला ले सकेगी* इसका राजस्व राज्य सरकार को मिलेगा * माइंस आवंटन को लेकर होने वाली दिक्कतें दूर होंगी* पैरॉक्सनाइट, सोप स्टोन समेत कई खदानों का आवंटन केंद्र सरकार के चक्कर में लटका था, अब आवंटन हो सकेगा* राज्य सरकार की नियमावली के तहत सभीे खनिज खदानें संचालित होंगीवरीय संवाददाता, जमशेदपुर केंद्र सरकार ने 31 खनिज पदार्थों को मेजर मिनरल (वृहद खनिज) के दायरे से बाहर कर माइनर मिनरल (लघु खनिज) के श्रेणी में ला दिया है. वहीं चार मेजर मिनरल के लिए अलग दायरा बनाया गया है. इसके अधीन रखकर खदान लीज पर दी जायेगी. केंद्रीय खनिज मंत्रालय ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया है. अब इन सभी माइनर मिनरल के आवंटन को लेकर राज्य सरकार को नयी नियमावली बनानी है. इसके लिए विशेषज्ञों की एक टीम लगातार काम कर रही है, ताकि झारखंड के खनिज का आवंटन नियमों के मुताबिक जल्द कर दिया जाये. वृहद खनिज से संबंधित सभी अधिकार केंद्र सरकार के पास होते हैं, लेकिन लघु खनिज के आवंटन से लेकर सारा काम राज्य सरकार करती है. उम्मीद की जा रही है कि अप्रैल के अंत या मई के प्रथम सप्ताह तक इसकी नियमावली बना ली जायेगी.