1.50 करोड़ से बदलेगी कैंसर मरीजों की तस्वीर, जानें क्या है सरकार का प्लान

जमशेदपुर के कैंसर मरीजों के लिए खुशखबरी है. स्वास्थ्य विभाग ने 1.50 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को जांच और इलाज में बड़ी मदद मिलेगी. यह राशि मुख्यमंत्री की विभिन्न योजनाओं के तहत खर्च की जाएगी.

जमशेदपुर : कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का नाम सुनते ही मरीज और उनके परिवार के सामने सबसे बड़ी चिंता इलाज के खर्च की होती है. पूर्वी सिंहभूम के मरीजों के लिए राहत भरी खबर आई है. स्वास्थ्य विभाग ने कैंसर से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के लिए 1.50 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को जांच और इलाज में बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है.

मुख्यमंत्री की योजनाओं के तहत खर्च होगी राशि

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1.50 करोड़ रुपये आवंटित करने का आदेश जारी किया है. इस राशि का उपयोग मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना, मुख्यमंत्री निःशुल्क डायग्नोस्टिक एवं रेडियोलॉजी जांच योजना और मुख्यमंत्री निःशुल्क सर्वाइकल कैंसर एवं ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग योजना के तहत किया जाएगा. राशि की निकासी सिविल सर्जन के माध्यम से की जाएगी.

महिलाओं की मुफ्त स्क्रीनिंग पर रहेगा विशेष फोकस

सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने बताया - इस राशि से सर्वाइकल कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर की मुफ्त स्क्रीनिंग को बढ़ावा दिया जाएगा. इसके अलावा मरीजों को मुफ्त डायग्नोस्टिक और रेडियोलॉजी जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी. इससे कैंसर की पहचान शुरुआती चरण में करने में मदद मिलेगी.

इलाज के खर्च से जूझ रहे परिवारों को मिलेगी राहत

कैंसर का इलाज लंबा और महंगा माना जाता है. आर्थिक रूप से कमजोर परिवार कई बार समय पर इलाज नहीं करा पाते हैं. ऐसे में सरकारी सहायता मिलने से मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा. साथ ही, पैसों की कमी के कारण इलाज रुकने की समस्या भी काफी हद तक कम हो सकती है.

जिले के सरकारी अस्पतालों में अब भी इलाज की सुविधा नहीं

राहत की इस खबर के बीच एक बड़ी समस्या अब भी बनी हुई है. जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में कैंसर के इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं है. केवल एमजीएम अस्पताल में कैंसर से संबंधित ओपीडी संचालित होती है, जहां जांच की सुविधा तो उपलब्ध है, लेकिन भर्ती कर इलाज करने की व्यवस्था नहीं है.

बेहतर इलाज के लिए मरीजों को भेजा जाता है रांची

इलाज की पर्याप्त सुविधा नहीं होने के कारण गरीब मरीजों को बेहतर उपचार के लिए रांची के रिम्स रेफर किया जाता है. हालांकि, नई राशि मिलने के बाद जरूरतमंद मरीजों को आर्थिक सहायता मिलेगी और वे आवश्यकता पड़ने पर दूसरे अस्पतालों में भी इलाज करा सकेंगे.


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By Chandra Shekhar

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