एसआइटी की जांच में खुलासा : पत्थलगड़ी से ही जुड़ा हुआ है बुरुगुलीकेरा नरसंहार, पीएलएफआइ का भी हाथ

जमशेदपुर : गुदड़ी पंचायत के बुरुगुलीकेरा में पत्थरगढ़ी को बढ़ावा देने के लिए सुखदेव बुढ़, राणासी बुढ़ समेत गांव के सात-आठ ग्रामीणों ने गुजरात में प्रशिक्षण लिया था. एसआइटी की जांच में इसका खुलासा हुआ है. मिली जानकारी के अनुसार एसआइटी की अब तक की जांच में यह बात सामने आयी है कि बुरुगुलीकेरा में […]

जमशेदपुर : गुदड़ी पंचायत के बुरुगुलीकेरा में पत्थरगढ़ी को बढ़ावा देने के लिए सुखदेव बुढ़, राणासी बुढ़ समेत गांव के सात-आठ ग्रामीणों ने गुजरात में प्रशिक्षण लिया था. एसआइटी की जांच में इसका खुलासा हुआ है. मिली जानकारी के अनुसार एसआइटी की अब तक की जांच में यह बात सामने आयी है कि बुरुगुलीकेरा में हुई वारदात पत्थरगढ़ी से जुड़ी है.

मृतक पूर्व उपमुखिया जेम्स बुढ़ पत्थरगढ़ी के विरोध में थे, जबकि सुखदेव बुढ़, राणासी बुढ़ समेत अन्य ग्रामीण समर्थन में थे. राणासी बुढ़ की पत्नी मुखिया है,लेकिन वे लोग सरकारी सुविधा का विरोध करते थे. इसी कारण उन लोगों ने कई ग्रामीणों का आधार कार्ड ले लिया था और सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधा को ग्रामीणों को लेने से मना करते थे.

गत वर्ष 2019 में सुखदेव बुढ़, राणासी बुढ़ समेत सात-आठ ग्रामीणों को गुजरात में केसरी सिंह द्वारा प्रशिक्षण दिया गया था. इसके अलावा गुजरात से उन्हें आर्थिक मदद भी मिलती थी. जिसका विरोध जेम्स बुढ़ व उसके साथी करते थे. इस मामले को लेकर दोनों पक्षों में कई बार विवाद भी हुआ था. जिसके बाद जेम्स बुढ़ ने पीएलएफआइ एरिया कमांडर मंगरा लुगून से सहयोग मांगा. एसआइटी की टीम सभी बिंदु पर जांच कर रही है. एक -दो दिनों में एसआइटी की टीम अपनी जांच रिपोर्ट चाईबासा एसपी और कोल्हान डीआइजी को सौंप देगी.

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