शहर के 10 सैरात बाजारों का किराया बढ़ा, वसूली शुरू

शहर के 10 सैरात बाजारों में व्यवसाय करने वाले दुकानदारों की जेब अब और ढीली होगी. धालभूम एसडीएम सह भाड़ा नियंत्रक पदाधिकारी के आदेश के बाद सैरात की दुकानों के किराये में वृद्धि कर दी गयी है.

तीन कैटेगरी में बांटे गये बाजार, डेली टोल भी अब 10 रुपये लगेंगे

एसडीएम के आदेश पर जेएनएसी ने 6 मार्च से शुरू किया कलेक्शन

अशोक झा, जमशेदपुर

शहर के 10 सैरात बाजारों में व्यवसाय करने वाले दुकानदारों की जेब अब और ढीली होगी. धालभूम एसडीएम सह भाड़ा नियंत्रक पदाधिकारी के आदेश के बाद सैरात की दुकानों के किराये में वृद्धि कर दी गयी है. इन सैरात बजारों में कुल 7718 दुकानें हैं. हालांकि, नया किराया एक फरवरी 2026 से ही प्रभावी माना गया है, लेकिन जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) ने इसकी वसूली शुक्रवार 6 मार्च से विधिवत शुरू कर दी है. इसके साथ ही डेली टोल (दैनिक शुल्क) को भी 6 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है.

पूर्व में हुए भारी विरोध और व्यापारी संगठनों की नाराजगी को देखते हुए प्रशासन ने इस बार बीच का रास्ता निकाला है. किराये के निर्धारण के लिए दुकानों को तीन श्रेणियों (ए, बी और सी ) में बांटा गया है. ए कैटेगरी: मुख्य सड़क पर स्थित दुकानें. इनमें 7 रुपये प्रति स्क्वायर फीट की बढ़ोतरी. बी कैटेगरी: मुख्य सड़क से जुड़ी (कनेक्टिंग) दुकानें. इनमें 6 रुपये प्रति स्क्वायर फीट की बढ़ोतरी. सी कैटेगरी: बाजार के अंदरूनी हिस्से की दुकानें. इनमें 5 रुपये प्रति स्क्वायर फीट की बढ़ोतरी.

टाटा स्टील से जेएनएसी के पास आया नियंत्रण

शहर के लगभग 52.73 एकड़ क्षेत्र में फैले इन बाजारों पर पिछले 70 वर्षों से टाटा स्टील के लैंड डिपार्टमेंट का नियंत्रण था. साल 2020-21 में नयी व्यवस्था के तहत इसका नियंत्रण जिला प्रशासन के पास आया और अंततः जेएनएसी को जिम्मेदारी सौंपी गयी. पहले दुकानदार महज 10 रुपये से 300 रुपये तक मामूली किराया देते थे, लेकिन अब प्राइम लोकेशन की दुकानों का किराया बाजार दर के अनुसार बढ़ जायेगा.

2022 में टल गयी थी वृद्धि

जून 2022 में भी किराये में भारी बढ़ोतरी का प्रयास हुआ था. जिसका व्यापारियों ने रांची तक विरोध किया था. तत्कालीन उपायुक्त विजया जाधव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट लगाकर सुनवाई की थी और एक कमेटी का गठन कर किराया वृद्धि को स्थगित कर दिया था. अब कमेटी की समीक्षा और नये फॉर्मूले के आधार पर इसे फिर से लागू किया गया है.

नियम सख्त : नहीं बेच सकते सैरात की दुकान

नियमों के मुताबिक सैरात बाजार की दुकानों की खरीद-बिक्री प्रतिबंधित है. यदि कोई दुकानदार अपनी दुकान चलाने में असमर्थ है, तो उसे दुकान सरकार को वापस करनी होगी. हालांकि, शहर के कई प्राइम लोकेशन पर दुकानों के हस्तांतरण की खबरें आती रही हैं, जिस पर प्रशासन की नजर है.

कहां कितनी दुकानें

बाजार — दुकानों की संख्या

साकची — 3644

बिष्टुपुर – 1640

बारीडीह – 606

कदमा – 567

गोलमुरी – 347

बर्मामाइंस – 306

सिदगोड़ा – 280

सोनारी – 233

कालीमाटी – 52

धतकीडीह — 43

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By ASHOK JHA

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