कोल्हान में जिल जोम उत्सव आज से

जमशेदपुर : कोल्हान के संताल आदिवासी बहुल इलाकों में जिल जोम अर्थात दोसोन उत्सव की शुरुआत 9 दिसंबर से हो रही है. यह उत्सव दिसंबर के अंत तक सभी गांवों में मनाया जायेगा. यह उत्सव 5 साल में एक बार मनता है. पूर्वजों ने समाज को एक सूत्र में पिराेये रखने के लिए इसकी शुरुआत […]

जमशेदपुर : कोल्हान के संताल आदिवासी बहुल इलाकों में जिल जोम अर्थात दोसोन उत्सव की शुरुआत 9 दिसंबर से हो रही है. यह उत्सव दिसंबर के अंत तक सभी गांवों में मनाया जायेगा. यह उत्सव 5 साल में एक बार मनता है.

पूर्वजों ने समाज को एक सूत्र में पिराेये रखने के लिए इसकी शुरुआत की थी. दो वक्त की रोटी की व्यवस्था में अक्सर सुदूर गांव देहात के लोग शहर व कस्बे में चले जाते हैं. ऐसे में समाज व सामाजिक रीति-रिवाज को जीवित रखना मुमकिन नहीं होता था.
पूर्वजों ने जिल जोम उत्सव के रूप में अस्तित्व को बचाने का रखने का उपाय खोज निकाला. इस उत्सव में 5 साल में एक बार समस्त परिवार व रिश्तेदारों का महाजुटान होता है. लोग एक-दूसरे से मिलते हैं, नाच-गाकर आनंद-उत्सव मनाते है. उत्सव के बाद फिर रोजी-रोजगार की तलाश में निकल जाते हैं.
कब, कहां मनेगा उत्सव
9-10 दिसंबर: कांकी(झोराडीह), जोंकाजुरी, जोड़ा धिरी, बांदो (राजनगर)
10-11 दिसंबर: कुदादा (सुंदरनगर) दावना, लोवाडीह(राजनगर),
11-12 दिसंबर: राजदोहा हाटतोपा(नरवा पहाड़), मुरुमडीह, चाडरी,सुंड़सी, कांडापाणी, दीनासासांग(तिरिंग),
12-13 दिसंबर : पुरनापानी(तिरिंग), दुबराजपुर (राजनगर) एकतारी(रायरंगपुर), रहामदा (जादूगोड़ा), बहरागोड़ा(जामदा),चिड़िया (राजनगर), छोटा कुनाबेड़ा

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