संवाद-ए-ट्राइबल कॉन्क्लेव में जुटे 2000 आदिवासी प्रतिनिधि
जमशेदपुर : लौहनगरी जमशेदपुर में शुक्रवार को टाटा स्टील के संवाद-ए ट्राइबल कॉन्क्लेव का आगाज 151 नगाड़ों की थाप पर हुआ. बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान में शुरू हुए संवाद-ए ट्राइब्ल कॉन्क्लेव के छठे संस्करण में देशभर के 28 राज्यों से 150 जनजाति समुदाय के लोग शिरकत कर रहे हैं. साथ ही 17 देशों के आदिवासी प्रतिनिधि शामिल हुए हैं.
देश-विदेश से आदिवासी प्रतिनिधि अपने-अपने पारंपरिक वस्त्र में सुसज्जित होकर पहुंचे. शहर की हृदय स्थली गोपाल मैदान आदिवासियों के किसी टापू के समान दिख रहा था. संवाद-ए ट्राइबल कॉन्क्लेव अनेकता में एकता का संदेश दे रहा था. धरती आबा बिरसा मुंडा के अनुयायियों ने प्रार्थना गीत गाकर इसका शुभारंभ किया. देश व विदेश से आये आदिवासियों ने एक मंच से एकजुट होकर इस धरती पर अपने अस्तित्व को बचाने का संकल्प लिया. आयोजन को सफल बनाने में टाटा स्टील के सीएसआर चीफ सौरव राय, जीरेन टोप्नो, शंकर हेंब्रम, रामचंद्र टुडू समेत अन्य ने योगदान दिया.
विचारों का करेंगे आदान-प्रदान
टाटा स्टील ने देश व दुनिया के आदिवासियों को एक मंच प्रदान किया है. जहां एक छत के नीचे शनिवार 16 नवंबर से लेकर 19 नवंबर तक वे अपनी विभिन्न समस्याओं व समाज में हो रहे बदलाव समेत अन्य ज्वलंत मुद्दों पर आमने-सामने बैठकर वार्ता करेंगे
अपनी समस्याओं को साझा कर उनका हल निकालेंगे. इतने बड़े पैमाने पर आयोजित यह कार्यक्रम अपने आप में बिल्कुल ही अनूठा है़ इसे अनूठा इसलिए कह सकते हैं क्योंकि देश व विदेश के साधारण व आम लोगों का एक साथ बैठकर चर्चा करना असंभव सा प्रतीत होता है. इस संवाद-ए-ट्राइबल कॉन्क्लेव से अन्य समाज व समुदाय के लोगों को भी बहुत कुछ सीखने को मिलेगा.
म्यूजिक का अनोखा संगम कल
संवाद- ए ट्राइबल कॉन्क्लेव का अनूठा कार्यक्रम रिदम ऑफ द अर्थ में झारखंड के 32 जनजातीय समुदाय अपने-अपने पारंपरिक वाद्ययंत्रों की प्रस्तुति विभिन्न देशों से आये म्यूजिक बैंड के साथ देंगे. यह अलग तरीके का पॉप म्यूजिक होगा.
