जमशेदपुर : साग-सब्जी के दाम आसमान छू रहे हैं. दाम सुन कर ग्राहकों के पसीने छूट रहे हैं. कमरतोड़ महंगाई में आम लोगों को जीना मुश्किल हो गया है. महंगाई का आलम यह कि लोग साक-सब्जी के बिना खाना खा रहे हैं.
दरअसल कल तक 10 रुपये बंडल बिकने वाला पालक साग 8 गुणा बढ़ी दाम यानी 80 रुपये में बिक रहा है. 10 रुपये बंडल बिकने वाला मूली सीधे 40 में बिक रहा है. 18-20 रुपये प्रति किलो बिकने वाला प्याज 70 रुपये में बिक रहा है. कोई भी सब्जी 40 रुपये प्रति किलो से कम नहीं है, जिसका सीधा असर लोगों के बजट पर पड़ रहा है.
क्या कहते हैं लोग
साग-सब्जी का दाम आसमान छू रहा है. इतनी महंगाई में घर चलाना मुश्किल हो गया है. इस पर अंकुश लगना चाहिए. हमारा पारिवारिक बजट गड़बड़ा दिया है.
मुकेश कुमार
पहले इक्का-दूक्का सब्जी का दाम बढ़ा हुआ रहता था. अब कोई भी सब्जी खरीदो, सब 40 रुपये के पार.
श्यामा देवी
100 रुपये में झोला भरकर सब्जी ले जाते थे. अब एक सब्जी खरीदने के लिए 100 रुपये कम पड़ जा रहे हैं. कमाई कुछ नहीं हो रहा है, लेकिन महंगाई बढ़ रहा है. ऐसे में परिवार चलाना मुश्किल हो गया है.
मनोज कुमार
चाऊमिन का दुकान चलाते हैं. महंगाई की वजह से प्याज का उपयोग कम कर दिये हैं. ग्राहकों रोजाना बहस होती है.
अशोक कुमार
बाजार पर एक नजर (प्रति किग्रा)
आलू- 20 रुपये
प्याज-70 रुपये
पटल- 60 रुपये
कच्चू-40 रुपये
मूली-40 रुपये
पालक-80 रुपये
टमाटर-60 रुपये
कुंदरु- 40 रुपये
झींगा-60 रुपये
लौकी- 50 रुपये
बंधा-50 रुपये
भिंडी- 70-80 रुपये
मिर्चा- 200 रुपये
लहसून- 250 रुपये
सिमला-80 रुपये
बरबडी- 50-60 रुपये
खीरा- 60 रुपये
टमाटर-50-60 रुपये
प्याज की कीमत 50 रुपये से कम हो, इसका प्रयास जारी : सरयू राय
जमशेदपुर. प्याज की बढ़ती कीमतों को लेकर मंत्री सरयू राय ने बुधवार को परसुडीह मंडी का निरीक्षण किया और व्यवसायियों के साथ प्याज की बढ़ती कीमतों को लेकर बात की. मंत्री ने बताया कि व्यापारी कम मुनाफा पर ही प्याज की बिक्री करें, ताकि आम लोगों को प्याज की कीमत को लेकर ज्यादा परेशानी नहीं उठनी पड़े.
उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में वे प्रयासरत हैं कि प्याज की कीमत 50 रुपये से कम रहे, इसको लेकर जरूरी उपाय किये जायेंगे. उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में प्राकृतिक कारणों से ऐसी स्थिति बनी है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की मंडियों झारखंड की थोक मंडियों तथा यहां के खुदरा बाजार के भाव में सामंजस्य बनाने की आवश्यकता है.
व्यापारी भी वर्तमान स्थिति में थोक भाव से 5-7 रुपये से अधिक मुनाफा न कमायें. उन्होंने बताया कि व्यापारी भी इसमें सहयोग करने को तैयार हैं. नयी फसल मंडियों में आ रही है. यहां की मांग के अनुरूप ट्रांसपोर्टेशन में तेजी आयेगी तो लोगों को कम भाव में प्याज मिलना शुरू हाे जायेगा.
उन्होंने बताया कि प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण वे सीधे तौर पर पदाधिकारियों को निर्देश नहीं दे सकते परंतु प्रशासनिक ढांचा के अनुरूप वे सचिव के माध्यम से निर्देश कर प्याज के दाम को कम करने के सभी उपाय करायेंगे. इसको लेकर सचिव ने रांची में बैठक आयाेजित की आैर आवश्यक उपाय करने को कहा है.
