जमशेदपुर : सिदगोड़ा थाना अंतर्गत 10 नंबर बस्ती सुखिया रोड से गायब 11 वर्षीय अविनाश कुमार चार दिनों बाद रविवार को घर लौट आया. रविवार को सिदगोड़ा पुलिस उसको लेकर शहर पहुंची, इस दौरान उनके साथ अविनाश के पिता राहुल कुमार भी थे. थाना पहुंचने के बाद पुलिस ने अविनाश को परिजनाें को सौंप दिया. अविनाश के सकुशल घर लौटने पर घरवाले काफी खुश हैं.
चार दिन बाद घर लौटा अविनाश हरप्रीत का अब तक नहीं चला पता
जमशेदपुर : सिदगोड़ा थाना अंतर्गत 10 नंबर बस्ती सुखिया रोड से गायब 11 वर्षीय अविनाश कुमार चार दिनों बाद रविवार को घर लौट आया. रविवार को सिदगोड़ा पुलिस उसको लेकर शहर पहुंची, इस दौरान उनके साथ अविनाश के पिता राहुल कुमार भी थे. थाना पहुंचने के बाद पुलिस ने अविनाश को परिजनाें को सौंप दिया. […]

राहुल कुमार ने बताया कि रेल पुलिस ने लखनऊ के बाराबंकी स्टेशन पर बेटे को बेहोशी हालत में पाया था. जिसके बाद उसे चाइल्डलाइन को सौंप दिया. फिलहाल, अविनाश कुछ भी नहीं बता रहा है. वह अकेले ही घर से निकला था और अकेले ही बाराबंकी स्टेशन पर था. गत बुधवार को अविनाश घर से साइकिल लेकर ट्यूशन जाने के लिए निकला था. पुलिस के अनुसार अविनाश अपनी मर्जी से घर से निकला था.
पहले भी तीन बार घर से जा चुका है हरप्रीत
जमशेदपुर. अपने दोस्त अविनाश कुमार की खोज के लिए घर से निकले जेम्को महानंद नगर निवासी हरप्रीत सिंह (12) का अब तक पता नहीं चल पाया है. पांचवीं का छात्र हरप्रीत इसके पहले भी तीन बार घर से इसी तरह से भाग चुका है. एक साल पहले उसे चाइल्ड होम में भी रखा गया था.
हरप्रीत सिंह अपने दादा परमजीत सिंह के साथ रहता है. जानकारी के अनुसार हरप्रीत के पिता भी कुछ वर्ष पूर्व गायब हो गये थे. वह अब तक नहीं लौटे हैं. उसके बाद मां भी घर छोड़ कर चली गयी. हरप्रीत कुछ दिनों तक अपनी बुआ के घर रह कर पढ़ाई कर रहा था.
लेकिन उसके बाद उसे दादा परमजीत सिंह अपने पास ले आये. शनिवार को दोपहर ट्यूशन जाने की बात कह कर हरप्रीत घर से निकला था लेकिन वापस नहीं लौटा. वह घर पर एक पत्र छोड़ कर गया है कि वह अपने गुम हुए दोस्त अविनाश कुमार को ढूंढ़ने के लिए जा रहा है. पत्र में लिखा था कि अगर वह उसे नहीं ढूंढ़ पाया, तो उसकी लाश आयेगी. बच्चे द्वारा ऐसी चिट्ठी छोड़ कर जाने से घर वाले डरे हुए हैं.
जेम्को
हरप्रीत के पिता भी कुछ वर्ष पूर्व गायब हो गये थे, अब तक घर नहीं लौटे
मां भी घर छोड़ कर जा चुकी है, दादाजी के साथ रहता था हरप्रीत
दोस्त को ढूंढने के नाम पर घर से निकला था