जमशेदपुर : सब कैनाल में गड़बड़ी का मामला : जांच टीम के दो इंजीनियरों का तबादला

जमशेदपुर : बालीगुमा सब कैनाल में गड़बड़ी की जांच कर रही जांच टीम के कनीय अभियंता स्तर के दो इंजीनियरों (अमोद लकड़ा व राजेश कुमार रजवार) का ट्रांसफर कर दिया गया है. ये ट्रांसफर पहले किया गया था, लेकिन उसका अनुपालन (विरमित) अब किया गया है. इस संबंध में जांच टीम के नेतृत्वकर्ता सह अधीक्षण […]

जमशेदपुर : बालीगुमा सब कैनाल में गड़बड़ी की जांच कर रही जांच टीम के कनीय अभियंता स्तर के दो इंजीनियरों (अमोद लकड़ा व राजेश कुमार रजवार) का ट्रांसफर कर दिया गया है. ये ट्रांसफर पहले किया गया था, लेकिन उसका अनुपालन (विरमित) अब किया गया है. इस संबंध में जांच टीम के नेतृत्वकर्ता सह अधीक्षण अभियंता रामनिवास प्रसाद ने कहा कि जांच टीम में कई इंजीनियर हैं, इसलिए दो इंजीनियर के ट्रांसफर होने से जांच पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. हालांकि कनीय अभियंता स्तर के दो इंजीनियरों के रहने से जांच में सहयोग मिलता है.

उन्होंने बताया कि सरकार के आदेश से इंजीनियरों का ट्रांसफर-पोस्टिंग अौर जांच टीम बनी है, आदेश का अक्षरस: पालन भी जरूरी है. सूत्रों के अनुसार ओआर-35 से जुड़े बालीगुमा सब कैनाल समेत अन्य सब कैनाल व वाटर कोर्स में गड़बड़ी का मामला विजिलेंस जांच के दायरे में है.
इस परियोजना में तत्कालीन कार्यपालक अभियंता समेत कई इंजीनियरों के कार्य की जांच हुई थी, इसमें दोषी इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है, जबकि तत्कालीन कार्यपालक अभियंता सह वर्तमान में अभियंता प्रमुख हेमंत कुमार समेत 12 इंजीनियरों के खिलाफ जांच में दोषी पाये जाने पर उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई प्रपत्र ‘क’ गठित करने की अनुशंसा की गयी थी.
कपाली सब कैनाल के लिए अधिग्रहित जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने को जल्द होगी कार्रवाई : सुवर्णरेखा बहुद्देश्यीय परियोजना में भू-अर्जन व पुनर्वास के अपर निदेशक सुबोध कुमार ने कपाली सब कैनाल के लिए अधिग्रहित जमीन पर अतिक्रमण हटाने के लिए जल्द कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. इसके लिए सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन से अनुरोध किया गया है.
गौरतलब है कि लघु वितरणी प्रमंडल संख्या 3 की कार्यपालक अभियंता मायारानी लाल ने अतिक्रमणकारियों को जमीन खाली करने का नाेटिस दिया है. गौरतलब है कि सुवर्णरेखा बहुउद्देश्यीय परियोजना के अंतर्गत कपाली सब कैनाल के एलाइनमेंट की जमीन पर अवैध रूप से 24,500 छोटे-बड़े प्लाटों पर बाउंड्री अौर 495 पक्के मकान बना दिये गये हैं.
सब कैनाल का काम करने में सुस्ती बरतने पर ठेकेदार को हटाया, टेंडर रद्द
चांडिल बांयी मुख्य नहर से जुड़े ओएल 38 सब कैनाल के निर्माण को लेकर 15 करोड़ का दिया गया था ठेका
कब की योजना वर्ष 2015-16
योजना की लागत 15 करोड़ रुपये
सब कैनाल का काम करने में सुस्ती बरतने पर ठेकेदार को हटाया, टेंडर रद्द
जमशेदपुर : सुवर्णरेखा बहुद्देश्यीय परियोजना के अंतर्गत चांडिल मुख्य नहर से जुड़े ओएल 38 सब कैनाल का काम करने में सुस्ती बरतने पर टेंडर को रद्द करते हुए रांची की एजेंसी मेसर्स चौधरी कंस्ट्रक्शन को काम से हटा दिया गया है.
यह कार्य 15 करोड़ रुपये से होना था. सूत्रों को अनुसार घाटशिला के पास आउटलेट लेफ्ट 38 (कालापाथर गांव के समीप) सब कैनाल का काम टेंडर के माध्यम से वर्ष 2015-16 में दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा में चयनित एजेंसी ने जमीनी स्तर पर काम नहीं दिया.
इसको लेकर विभागीय कार्यपालक अभियंता व वरीय पदाधिकारियों ने एजेंसी को काम शुरू करने के लिए नोटिस दिया था, लेकिन एजेंसी ने काम शुरू नहीं किया. इसके बाद कार्यपालक अभियंता की रिपोर्ट पर चांडिल कॉम्प्लेक्स के मुख्य अभियंता ने एजेंसी को आवंटित काम का टेंडर रद्द कर दी.
चांडिल बांयी मुख्य नहर से जुड़े ओएल-38 सब कैनाल का काम नहीं करने वाली एजेंसी का टेंडर रद्द किया गया है. योजना को लेकर नये सिरे से दोबारा टेंडर निकला जायेगा.
वीरेंद्र कुमार राम, चीफ इंजीनियर, चांडिल कॉम्प्लेक्स, सुवर्णरेखा बहुद्देश्यीय परियोजना

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