जमशेदपुर : नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि औद्योगिक शहर और जमशेदपुर नगर निगम का मामला प्रशासनिक कारणों से लटका हुआ है. इस मामले की जल्द समीक्षा कर अड़चन दूर करने की कोशिश की जायेगी. मंत्री रविवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. वे गणेश पूजा उत्सव में शरीक होने शहर आये हुए थे.
उन्होंने कहा कि औद्योगिक शहर के मामले में कंपनी और प्रशासन को टास्क दिया गया था कि कौन-कौन से इलाके औद्योगिक शहर में होंगे, उन्हें चिह्नित कर शहर के शेष हिस्सों को नगर निगम में शामिल करना था. कंपनी के कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन के वाइस प्रेसिडेंट सुनील भास्करन का तबादला होने के बाद कंपनी भी शिथिल पड़ गयी है. इसके बाद की जल्द ही समीक्षा की जायेगी.
उन्हाेंने कहा कि आैद्याेगिक नगर पर कई बार मीटिंग हाे चुकी है. अभी क्या स्थिति है, इस मामले में सीएम से बात करेंगे. टाटा स्टील ने यदि काेई नया प्राेपजल दिया है, ताे सरकार ठाेस पहल करेगी.
आैद्याेगिक नगर काे थर्ड वाेटिंग का राइट नहीं है, लेकिन उनकी इच्छा है कि यह मिलना चाहिए. इसके लिए पहल करेंगे. जमशेदपुर अक्षेस का क्षेत्र ही नगर निगम हाेगा. सुप्रीम काेर्ट से टाटा स्टील आैर सरकार यदि केस वापस ले लेती है, ताे जवाहरलाल शर्मा का मामला स्वत: समाप्त हाे जायेगा.
सरकार व कंपनी को मिलकर समाधान करना चाहिए : कहा कि सरकार और कंपनी को इस मामले में तत्परता दिखानी चाहिए, जिससे किसी अन्य को परेशानी नहीं हो. किसी को कोर्ट जाने की भी जरूरत नहीं पड़े और जनता को तीसरे मत का लोकतांत्रिक अधिकार भी मिल जाये. मंत्री ने कहा कि वे टिकट के पीछे नहीं भागते जुगसलाई आैर मानगाे में पिछड़ी जाति का सर्वे नहीं हुआ था, जिसके कारण चुनाव नहीं हाे पाया. अब 2020 में चुनाव हर हाल में कराया जायेगा.
महागठबंधन की दुर्गति से सबक ले विपक्ष : मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि देशभर में महागठबंधन की दुर्गति से विपक्ष को सबक लेना चाहिए. विपक्षी दलाें ने मिलकर महागठबंधन बनाया. चुनाव परिणाम आते ही सबकी स्थिति दयनीय हो गयी. देश की धारा में लोगों को बहना चाहिए. उन्होंने भाजपा में आने वाले लोगों के बारे में बताया कि सभी का स्वागत है, पर खराब छवि वालों को पार्टी शामिल नहीं करेगी.
