जमशेदपुर : बिष्टुपुर के तलवार बिल्डिंग में रहने वाले असीम दुआ की बुजुर्ग मां से लूट की घटना को अंजाम देने की कहानी उसकी नौकरानी जयंती महानंद ने ही रची थी. उसने लूटे हुए आभूषण की पहचान कराने के लिए बिष्टुपुर स्थित मंगलम ज्वेलर्स के स्टाफ रंजीत कुमार सेन को पहले से तय कर रखा था. रंजीत जयंती का पूर्व परिचित है.
शनिवार को घटना की जानकारी मिलने के बाद तत्काल बिष्टुपुर थाना प्रभारी राजेश प्रकाश सिन्हा शक के आधार पर दुआ की नौकरानी जयंती के घर गये थे. उस दौरान रंजीत वहां पर मौजूद था.
पुलिस ने उससे पूछताछ की थी, तो उसने जयंती का परिचित बताते हुए कहा था कि उसे छोड़ने के लिए आया था. इसी दौरान थाना प्रभारी ने उससे पूछा कि वह क्या करता है, तो रंजीत ने ज्वेलर्स दुकान का स्टाफ होने की बात कही थी.
बिष्टुपुर पुलिस ने मंगलम् ज्वेलर्स के ऑनर से रंजीत के बारे में जानकारी ली, तो उन्होंने बताया कि वह किसी आभूषण के असली होने की जांच करने की बात किसी से फोन पर कर रहा था. उन्हें भी शक हुआ था कि कुछ गड़बड़ है.
इसके बाद पुलिस रंजीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो सारा मामला सामने आ गया. इसके बाद लूट को अंजाम देने वाली गीता रानी उर्फ बड़ी और स्टेट माइल रोड आउट हाउस में रहने वाली सीता बाग को गिरफ्तार किया गया. इनके पास से पुलिस ने लूट के कंगन भी बरामद कर लिये हैं.
