जमशेदपुर : दलमा राजा राकेश हेंब्रम ने रविवार की सुबह वन देवी-देवताओं को आह्वान कर पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र तीर व धनुष की पूजा-अर्चना की. वन देवी-देवताओं के चरणों में नतमस्तक होकर सेंदरा वीरों के सकुशल वापस आने के लिए विशेष प्रार्थना की.
सेंदरा वीर घने जंगलों में शिकार की तलाश में जायेंगे. दलमा की पहाड़ी में अस्त्र-शस्त्र पूजा के दौरान पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के प्रमुख जुगसलाई तोरोफ परगना दसमत हांसदा, तालसा माझी बाबा दुर्गाचरण मुर्मू समेत अन्य मौजूद थे.
अच्छी बारिश व फल के भी पूजा-अर्चना. सेंदरा पूजा के दौरान आदिवासी-मूलवासी समाज ने वन देवी-देवताओं चरणों में नतमस्तक होकर अच्छी बारिश व फसल के लिए भी पूजा-अर्चना की.
स्वशासन व्यवस्था का वेबसाइट लांच होगा आज. फोदलोगोड़ा में सोमवार को आयोजित होने वाले लो बीर दोरबार में आदिवासी पारंपरिक व्यवस्था का वेबसाइट लांच होगी. अब सभी जानकारी एक क्लिक में मिलेगी.
वन विभाग ने दस को पकड़ा, फिर छोड़ा. सेंदर के लिए दलमा जाने रहे दस ग्रामीणों को वन विभाग ने पकड़ा. घंटों बैठाने के बाद पूछताछ के उपरांत काउंसलिंग कर उन्हें छोड़ दिया गया.
देर शाम तक सैकड़ों सेंदरा वीर पहुंचे
दलमा बुरू सेंदरा समिति के आह्वान पर सोमवार को शिकार पर्व के लिए झारखंड, ओड़िशा बंगाल समेत अन्य राज्यों से रविवार की शाम तक सैकड़ों सेंदरा वीर दलमा की तलहटी गांव फदलोगोड़ा में पहुंच चुके हैं.
रविवार की सुबह 10 बजे से सेंदरा वीरों का गिपितीज टांडी (विश्राम स्थल) में पहुंचना शुरू हो गया था. देर शाम तक छोटे-बड़े वाहनों से 30-40 के झुंड में ये लोग यहां पहुंचे. रात्रि विश्राम के बाद सोमवार 6 मई को तड़के सुबह पहाड़ी पर सेंदरा के लिए चढ़ाई करेंगे.
