यूनियन का फोकस पांच साल का ग्रेड और 50 फीसदी एमजीबी दिलाने पर
जमशेदपुर : टाटा स्टील में लंबित ग्रेड रिवीजन पर शुक्रवार से वार्ता फिर प्रारंभ हो गयी. शाम साढ़े चार बजे से शुरू हुई वार्ता में प्रबंधन की ओर से जुबीन पालिया समेत अन्य वरीय अधिकारी तथा यूनियन की ओर से अध्यक्ष आर रवि प्रसाद, महामंत्री सतीश कुमार सिंह, डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद कुमार पांडेय शामिल हुए. […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
जमशेदपुर : टाटा स्टील में लंबित ग्रेड रिवीजन पर शुक्रवार से वार्ता फिर प्रारंभ हो गयी. शाम साढ़े चार बजे से शुरू हुई वार्ता में प्रबंधन की ओर से जुबीन पालिया समेत अन्य वरीय अधिकारी तथा यूनियन की ओर से अध्यक्ष आर रवि प्रसाद, महामंत्री सतीश कुमार सिंह, डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद कुमार पांडेय शामिल हुए.
वार्ता के दौरान पुराने ग्रेड रिवीजन के समझौते का अध्ययन किया गया. लंबित मुद्दों की समीक्षा की गयी. इसमें प्रबंधन की तरफ से यूनियन के समक्ष रखे गये प्रस्ताव को नये वेज के साथ जोड़कर बातचीत का सिलसिला प्रारंभ करने की बात कही गयी. तय किया गया कि अगले मीटिंग में चार्टर आफ डिमांड के अलग-अलग प्वाइंट पर बात होगी.
मीटिंग के दौरान पिछले वेज रिवीजन के समझौते के सभी प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा हुई. वार्ता में यूनियन का फोकस ग्रेड की अवधि, एमजीबी पर है. इसके अलावा कर्मचारियों के लिए कुछ नयी सुविधाएं जोड़ने व रोजगार के अवसर पैदा करने पर ध्यान दिया जा रहा है. अगली बैठक के बाद वेज रिवीजन की वार्ता रफ्तार पकड़ेगी. यह वेज पर प्रबंधन के साथ यूनियन की तीसरी बैठक थी. टाटा स्टील के कर्मचारियों का वेज एक जनवरी 2018 से लंबित है.
नये ग्रेड में पुरानी सुविधाएं बचाना यूनियन के लिए चुनौती : नये ग्रेड रिवीजन के दौरान टाटा स्टील के कर्मचारियों को पूर्व से मिलती आ रही सुविधाओं को बचाये रखने की चुनौती होगी. दरअसल पुराने ग्रेड रिवीजन के दौरान नोट्स ऑफ कॉन्क्लूज़न में कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर निर्णय यूनियन के लिए परेशानी का कारण हो सकता है. इनमें कैंटीन में सब्सिडी खत्म करने से लेकर इलाज की सुविधा, कर्मचारियों को दिये जाने वाले ऋण जैसे मुद्दे शामिल हैं. इसके अलावा कंपनी के क्वार्टर में शामिल होने वाले पानी को सब्सिडी से मुक्त करने का मुद्दा भी शामिल है.