जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल के आउटसोर्सिंग एजेंसी की जांच करने के लिए बुधवार को रांची से तीन सदस्यीय टीम शहर पहुंची. टीम में शामिल डिप्टी डायरेक्टर डॉ विजय शंकर दास, अपर सचिव सीके उरांव, अवर सचिव सुधीर कुमार वर्मा शामिल थे. टीम ने एमजीएम में आउटसोर्स एजेंसी श्रीराम इंटर प्राइजेज व मेसर्स एडवांस बिजनेस के वर्क ऑर्डर की जांच की. साथ ही एजेंसी द्वारा कितने कर्मचारियों की सप्लाई की गयी.
उनको पीएफ, इएसआइ दी जा रही थी कि नहीं, सरकार के मानक के अनुसार इसका टेंडर हुआ था कि नहीं, कब-कब अवधि का विस्तार किया गया. इससे संबंधित कागजातों की जांच की गयी. टेंडर के वर्कऑर्डर के बाद कब-कब व कैसे कर्मचारियों की संख्या बढ़ायी गयी, इसकी भी जांच टीम कर रही है.
मेसर्स श्रीराम इंटरप्राइजेज और मेसर्स एडवांस बिजनेस को वर्ष 2015 में पहली बार एमजीएम में आउटसोर्सिंग का ठेका मिला था. आरोप है कि हर साल एजेंसियों को अवधि विस्तार देने के साथ गलत तरीके से उनके वर्कऑर्डर में कर्मचारियों की संख्या बढ़ायी गयी. इस कारण सरकार को अतिरिक्त भुगतान करना पड़ा और राजस्व की हानि हुई. हालांकि एमजीएम के पदाधिकारियों का कहना है कि बेड के अनुरूप ही आवश्यकतानुसार कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोतरी की गयी है.
इसकी सूचना मुख्यालय को दी गयी थी. टीम ने अधीक्षक डॉ एसएन झा, उपाधीक्षक डॉ नकुल प्रसाद चौधरी व अन्य पदाधिकारियों से भी जानकारी ली. टीम ने पूर्व एजेंसी मेसर्स श्रीराम इंटरप्राइजेज और मेसर्स एडवांस बिजनेस के संचालकों को बुलाकर भी जरूरी कागजात की मांग की. एजेंसी संचालकों द्वारा टीम को सभी कागजात सौंप दिये गये. टीम ने बताया कि जांच की रिपोर्ट को सरकार को सौंपी जायेगी.
