कुमार आनंद, जमशेदपुर : मनरेगा के तहत पूर्वी सिंहभूम में 2.07 लाख मजदूरों को जॉब कार्ड बनाकर दिया गया है. पर दुर्भाग्य है कि एक अप्रैल 2018 से लेकर आठ फरवरी 2019 तक कुल 11 माह में 159 मजदूरों को 100 दिन का रोजगार मिल सका. जिले में सबसे खराब हालत मुसाबनी प्रखंड का है.
प्रखंड में 12 हजार मजदूरों में से सिर्फ एक मजदूर को ही 100 दिन का रोजगार मिल पाया है. नक्सल प्रभावित पटमदा में 17,500 मजदूरों में से सिर्फ चार और डुमरिया प्रखंड में 18 हजार मजदूरों में से केवल पांच को ही 100 दिन का रोजगार मिला है. सरकारी आंकड़े के मुताबिक बहरागोड़ा प्रखंड में 30 हजार मजदूरों में केवल 28 मजदूरों का अब तक 100 दिन का रोजगार मिला है.
28 हजार योजनाएं स्वीकृत, 60 फीसदी योजनाएं अधूरी : 11 माह में जिले के सभी 11 प्रखंडों में करीब 15 फीसदी मजदूरों (35,441 मजदूरों) ने ही प्रखंड कार्यालय पहुंचकर रोजगार मांगा है. इन सभी को रोजगार देने का दावा किया गया है. जिले में मनरेगा से चालू वित्तीय वर्ष 2018-19 में कुल 28,211 योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गयी है. लेकिन इसमें 12,639 योजना ही पूर्ण होे पायी है. 15,572 योजनाएं अधूरी हैं. कुल 28,211 योजनाओं पर 1987.58 लाख बतौर मजदूरी खर्च की गयी है.
28 हजार योजनाएं स्वीकृत, 60 फीसदी योजनाएं अधूरी
मनरेगा कर्मियों की तीन माह हड़ताल होने के कारण कार्यों पर प्रतिकुल असर पड़ा है. हालांकि जल्द ही मनरेगा मजदूरों को उनकी डिमांड के मुताबिक रोजगार दिया जायेगा. सोमवार को जिले में 11 हजार मजदूरों ने काम की मांग की है. जल्द ही तेजी से मजदूरों को काम दिया जायेगा.
विश्वनाथ महेश्वरी, डीडीसी,
