जमशेदपुर : खासमहल-बाहागढ़ के ग्रामीणों ने गांव में शराब बेचने का पुरजोर विरोध किया और नायके (पुजारी) लखाई हांसदा के खिलाफ उनके घर के बाहर धरना पर बैठ गये. ग्रामीणों ने बताया कि लगभग चार साल से बाहागढ़ बस्ती में वे लोग देशी शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग करते आ रहे हैं.
शराब बंदी को लेकर बस्ती में कई बार बैठकें भी हो चुकी है लेकिन नायके बाबा बार-बार कुछ दिनों की मोहलत मांगते हैं और फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं. रविवार को माघ पूजा होनी थी. ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन कर विरोध करने के लिए आंदोलन की रणनीति तय कर रखी थी. ग्रामीण जब जुटे तो धरना-प्रदर्शन में बैठ गये. ग्रामीणों का यह भी कहना था कि लखाई हांसदा खुद भी शराब बेचते हैं. जिसकी वजह से वे शराब बंदी के पक्ष में नहीं थे.
मौके पर परसुडीह पुलिस भी पहुंची. परसुडीह पुलिस ने ग्रामीणों को समझाया कि वे आज शांति व सौहार्दपूर्ण वातावरण में माघ पूजा कर ले. उसके बाद किसी दूसरे दिन ग्रामीणों की बैठक कर विवाद को सुलझाये. धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व आनंद, मांगात, जीतु मुर्मू समेत अन्य कर रहे थे.
