एमजीएम अस्पताल में रोज पांच मरीजों की मौत

जमशेदपुर : स्वास्थ्य विभाग एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च करता है, पर व्यवस्था नहीं सुधर रही. ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल में प्रतिदिन औसतन पांच मरीजों की मौत हो रही है. इस तरह एक माह में औसतन 150 से अधिक मरीजों की मौत हो रही है. अस्पताल के अधीक्षक की […]

जमशेदपुर : स्वास्थ्य विभाग एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च करता है, पर व्यवस्था नहीं सुधर रही. ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल में प्रतिदिन औसतन पांच मरीजों की मौत हो रही है. इस तरह एक माह में औसतन 150 से अधिक मरीजों की मौत हो रही है. अस्पताल के अधीक्षक की ओर से स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को भेजी गयी रिपोर्ट के अनुसार, बीते पांच सालों में अस्पताल में 8084 मरीजों की मौत हुई है.

इनमें 4461 पुरुष व 3623 महिला मरीज थे. पांच सालाें में यहां कुल 1,34,804 मरीज भर्ती हुए थे. इनमें 1,26,720 ठीक होकर गये. पिछले साल कुल 1505 मरीजों ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ा. इनमें 853 और 652 महिला थे. 2018 में भर्ती किये गये कुल 33062 मरीजों में 31557 ठीक होकर गये. पिछले पांच सालों में 2017 में सबसे ज्यादा 1088 पुरुष मरीज की मौत हुई है. 2016 में सबसे ज्यादा 924 महिला मरीज की मौत हुई है.

मैनपावर की कमी सबसे बड़ी समस्या
दो साल पहले एमजीएम अस्पताल में चार माह में हुई 164 बच्चों की मौत की स्वास्थ्य विभाग ने जांच करायी थी. इस दौरान अस्पताल में संसाधन व मैन पावर की भी भारी कमी के बारे में कहा गया था,जो अभी भी बरकरार है. अधीक्षक के अनुसार अस्पताल में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन उसके अनुसार न तो मैन पावर बढ़ रहे हैं न ही संसाधन. अस्पताल में अधिकतर गंभीर मरीज दूसरी जगहों से आकर भर्ती हो रहे हैं. इन्हें बचा पाना काफी मुश्किल हो जाता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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