जमशेदपुर: रेलवे की लापरवाही के कारण गुरुवार को खड़गपुर-टाटा पैसेंजर टाटानगर स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर आने के बजाय यार्ड के 12 नंबर लाइन पर चली गयी. एक मिनट के लिए सभी यात्री डर गये. इसके बाद यात्रिओं ने हंगामा मचाना शुरू किया. काफी हो हल्ला के बाद ट्रेन को पुन: वापस लाकर प्लेटफॉर्म पर लाया गया.
ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही यात्रियों ने हंगामा मचाना शुरू कर दिया. यात्रियों का कहना था कि सुरक्षा के मद्देनजर यह भारी लापरवाही है. सूचना मिलते ही चक्रधरपुर डिवीजन के सीनियर डीओएम (डिवीजनल ऑपरेटिंग मैनेजर) हरविंदर सिंह ने टाटा आरआरआइ के ऑन ड्यूटी दो सहायक मैनेजर को सस्पेंड कर दिया. इनमें सहायक स्टेशन मैनेजर एसपी जेना और पैनल ड्यूटी में सहायक स्टेशन मैनेजर आरके गुप्ता शामिल हैं. दूसरी ओर, सीनियर डीओएम की रिपोर्ट पर डीआरएम ने पूरे मामले में जांच के आदेश दिये हैं. जांच के लिए डिवीजनल लेबल पर एक कमेटी भी गठित की गयी है.
गौरतलब हो कि आमतौर पर खड़गपुर-टाटा पैसेंजर तीन नंबर प्लेटफॉर्म पर आती है. गुरुवार दोपहर लगभग बारह बजे ट्रेन जैसे खड़गपुर एंड लोको फाटक के पास पहुंची. आरआरआइ (रूट रिले इंटरलॉकिंग) से ट्रेन को प्लेटफॉर्म के बजाय यार्ड में जाने का सिगनल दे दिया गया. ट्रेन रफ्तार में 12 नंबर रेल लाइन यार्ड में पहुंच गयी. सेफ्टी मानको में चूक के लिए रेल प्रशासन ने दो सहायक स्टेशन मैनेजर को प्रथम दृष्टया में दोषी पाया. वहीं ट्रेन को यार्ड में ले जाने के लिए ट्रेन ड्राइवर और सहायक ट्रेन ड्राइवर को भी दोषी माना है. हालांकि उनके विभाग की ओर से उनके खिलाफ देर शाम तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी थी.
