जमशेदपुर : एक माह में फाइलेरिया के 87 मरीज मिले

जमशेदपुर : दिसंबर 2018 में फाइलेरिया विभागद्वारा जिले में सर्वे किया गया था. इस दौरान एक माह में फाइलेरिया के 87 मरीज मिले. इनमें 83 नये व तीन पुराने मरीज थे. इन मरीजों में 43 पुरुष व 44 महिला शामिल हैं. सर्वे में 21 से 80 साल तक के मरीज शामिल किये गये थे. सबसे […]

जमशेदपुर : दिसंबर 2018 में फाइलेरिया विभागद्वारा जिले में सर्वे किया गया था. इस दौरान एक माह में फाइलेरिया के 87 मरीज मिले. इनमें 83 नये व तीन पुराने मरीज थे. इन मरीजों में 43 पुरुष व 44 महिला शामिल हैं. सर्वे में 21 से 80 साल तक के मरीज शामिल किये गये थे. सबसे ज्यादा 27 मरीज जुगसलाई क्षेत्र में तथा सबसे कम कालिकानगर से एक मरीज मिला.

जिला फाइलेरिया विभाग के पदाधिकारी डॉ एके लाल ने बताया कि फाइलेरिया का दवा से इलाज संभव है, लेकिन जागरूकता के अभाव में लोग इलाज नहीं कराते हैं. जिसके कारण परेशानी होती है.
कैसे होती है फाइलेरिया. फाइलेरिया मच्छर के काटने से होने वाले एक संक्रामक रोग है. जिसे हाथी पांव के नाम से भी जाना जाता है. इसमें दर्द नहीं होता जिस कारण लोग इसका इलाज नहीं कराते है. पैर पूरी तरह से फुल जाने पर चलना- फिरना कठिन हो जाता है.
फाइलेरिया के लक्षण
फाइलेरिया का सामान्यत: कोई लक्षण दिखायी नहीं देता है. बुखार, बदन में खुजली तथा पुरुषों के जननांग व उसके आसपास दर्द या सूजन, पैरों व हाथों में सूजन के अलावा अंडकोष में सूजन आ जाती है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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