जमशेदपुर : साकची स्थित राजस्थान विद्या मंदिर में अराजपत्रित कर्मियों की विभागीय लेखा परीक्षा में एमजीएम मेडिकल कॉलेज का क्लर्क एसीपी-एमएसीपी (मोडिफाई एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन) समेत अन्य तरह का लाभ के िलए दूसरे से परीक्षा दिलवा रहा था.
क्लर्क व उसके बदले परीक्षा दे रहे युवक को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया गया है. केंद्राधीक्षक सह डीआरडीए की निदेशक उमा महतो के बयान पर मामला दर्ज कर पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया है.
वीक्षक ने पकड़ा : शनिवार को सुबह 9.20 बजे कमरा नंबर 1 में एमजीएम मेडिकल कॉलेज के क्लर्क उपेंद्र प्रसाद सिंह के प्रवेश पत्र में फोटो सटा कर हयूम पाइप छाया नगर निवासी रिंकू कुमार को परीक्षा देते हुए अराजपत्रित वीक्षक देवदास दत्ता ने पकड़ा. देवदास ने फर्जी परीक्षार्थी रिंकू कुमार के पकड़ाने की जानकारी केंद्राधीक्षक (डीआरडीए की निदेशक उमा महतो) समेत अन्य पदाधिकारियों को दी. जांच शुरू की गयी, तो क्लर्क उपेंद्र प्रसाद सिंह कैंपस में ही मौजूद पाया गया. पूछताछ करने पर उसने स्वीकार कर लिया. इसके बाद दोनों को पुलिस को सौंप दिया गया.
जल्द सेवानिवृत्त होने वाला था क्लर्क
गिरफ्तार एमजीएम मेडिकल कॉलेज का क्लर्क पांच-छह माह में सेवानिवृत्त होनेवाला था. बताया जाता कि उसकी चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी के रूप में नियुक्ति हुई थी. प्रमोशन पाकर क्लर्क बना था. एसीपी-एमएसीपी समेत अन्य तरह का लाभ पाने की उम्मीद में उसने अपने बदले रिंकू को परीक्षा देने भेजा था. उपेंद्र जेल जाने के साथ-साथ निलंबन अौर विभागीय कार्रवाई की पेच में फंस गया है.
चार हजार रुपये के लोभ में फंसा रिंकू
पुलिस के अनुसार क्लर्क उपेंद्र अौर रिंकू पूर्व में छाया नगर में रहते थे. रिंकू छात्र है अौर प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहा था. बार-बार विभागीय परीक्षा में फेल होने के कारण उसने रिंकू से अपने बदले परीक्षा देने के लिए संपर्क साधा अौर चार हजार रुपये देने का प्रलोभन दिया था.
