जमशेदपुर : हरहरगुट्टू में सात साल की बच्ची से दुष्कर्म का तथाकथित मामला फिर से बागबेड़ा थाने पहुंच गया है. बच्ची की नानी ने पड़ोस में रहने वाले आठ साल के किशोर पर दुष्कर्म का आरोप लगाकर शिकायत दर्ज करायी है. दो दिन पूर्व ही इस मामले में चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के चेयरमैन ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया था. दोनों पक्षों से बातचीत में सीडब्ल्यूसी कमेटी ने यह निष्कर्ष निकाला था कि दुष्कर्म की घटना नहीं हुई है बल्कि दो परिवारों के आपसी विवाद में बच्चों को मोहरा बना दिया गया है.
इसके बाद चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के चेयरमैन व सदस्यों ने दोनों परिवारों को समझाते हुए आपसी लड़ाई में बच्चों का भविष्य नहीं बरबाद करने की चेतावनी देते हुए समझौता कर दिया था. बताया जाता है कि इस मामले में पूर्व से सक्रिय कुछ स्थानीय राजनीतिक दल के नेताओं की सह पर समझौते को दरकिनार कर फिर से मामले को बागबेड़ा थाना पहुंचा दिया गया है. एक पक्ष से जुड़े लोग एक पार्टी के नेताओं के साथ एसएसपी से मिले थे, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज करने की कार्रवाई की. बच्ची के माता-पिता का देहांत हो चुका है
. शिकायत में बताया गया है कि 13 दिसंबर को बच्ची स्कूल नहीं जाना चाह रही थी. कारण पूछने पर उसने पेट दर्द व प्राइवेट पार्ट से खून निकलने की बात बतायी. बच्ची को महिला चिकित्सक के पास ले जाया गया जहां पता चला कि बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ है. इसके बाद बच्ची ने नानी को पूरी बात बतायी. बच्ची को स्कूल ले जाया गया, जहां बच्ची ने शिक्षिकाओं को बताया कि 12 दिसंबर को वह स्कूल गयी थी. टिफिन के दौरान वह बाथरुम गयी. तभी दूसरी क्लास में पढ़ने वाला किशोर उसे पकड़कर किनारे ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया.
बच्ची की नानी और नाना ने उक्त किशोर के परिवार वालों के समक्ष विरोध दर्ज कराया, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गयी. 23 दिसंबर को घटना की जानकारी बागबेड़ा पुलिस को दी गयी थी. पुलिस के समक्ष दोनों पक्षों ने समझौता की बात कही थी, लेकिन बच्ची का मामला होने के कारण केस चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को सौंप दिया गया था.D
