पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखते हुए कंपनी ला रही नयी तक��ीक
जमशेदपुर : टाटा स्टील कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन को कंट्रोल करने के लिए वैज्ञानिक विकल्पों को अपनाने के साथ-साथ जैव विविधताओं पर भी ध्यान दे रही है.
वैश्विक पर्यावरण संरक्षण के लिए भी बेहतर कदम उठाये जा रहे हैं. उक्त बातें शनिवार को बिष्टुपुर गोपाल मैदान में आयोजित 30वीं पुष्प प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए टाटा स्टील के सीइओ व एमडी टीवी नरेंद्रन ने कही़
न्होंने कहा कि कंपनी ने कार्बन डाईआॅक्साइड के स्तर को मापना शुरू कर दिया है. इस क्रम में वे पिछले दिनों जोड़ा माइंस गये थे, जैव विविधता बनाए रखने के लिए वहां दस नये पौधे लगाये गये.
कंपनी कार्बन डाईऑक्साइड के स्तर को कम करने के लिए आधुनिक उत्पादन तकनीक को भी अपना रही है. इससे वर्ष 2030 तक कार्बन डाईआक्साइड के स्तर को काफी कम करने की योजना बनायी है. कंपनी के अधिकारियों ने हाल ही में एक वैश्विक बैठक में प्रदर्शित किया था कि पश्चिम सिंहभूम में नोआमुंडी खदान जैव विविधता स्थिरता के लिए पौधरोपण पर कैसे काम कर रही है. भारतीय सकल घरेलू उत्पाद की अपनी उत्सर्जन तीव्रता-ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को प्रति वर्ष 2030 तक 2005 के स्तर से 35 प्रतिशत नीचे दर्ज करने का लक्ष्य रखा है. भारत का ऊर्जा से कार्बन डाईआॅक्साइड उत्सर्जन मामले में दुनिया में चौथा स्थान है.
उन्होंने कहा कि पौलेंड में पिछले दिनों हुई जी-21 देशों की बैठक में भी भारत ने कार्बन डाईआॅक्साइड उत्सर्जन को कम करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जतायी है. टाटा स्टील में 2005 में कार्बन डाईआॅक्साइड उर्त्सजन की मात्रा तीन प्रतिशत थी जो अब घटकर 2.5 प्रतिशत पर आ गयी है. कंपनी का लक्ष्य इसे घटाकर दो प्रतिशत करना है. इसके लिए कंपनी नये टेक्नोलॉजी और नयी प्लांट ला रही है. यह सिर्फ टाटा स्टील नहीं कर सकती है.
वर्ष 2025 तक 25 मिलियन टन स्टील उत्पादन का लक्ष्य
टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में पत्रकारों से बातचीत में टाटा स्टील के सीइओ व एमडी टीवी नरेंद्रन ने कहा कि कलिंगा, भूषण, जमशेदपुर सभी को मिलकर 25 मिलियन टन स्टील उत्पादन का प्लान है. वर्ष 2025 तक का यह लक्ष्य हासिल करना है. उन्होंने कहा कि जमशेदपुर में शहर के बीचोबीच प्लांट है. इसलिए यहां काफी प्लान कर काम करना पड़ता है.
यह चैलेंजिंग है. कलिंगा शहर से दूर है. इसलिए वहां दिक्कत नहीं होती. उन्होंने कहा कि एरिया के हिसाब से देखा जाये तो जमशेदपुर का प्लांट बेस्ट है. उन्होंने कहा कि अभी मार्केट में थोड़ा सॉफ्टनेस आया है. जापान का असर था. फरवरी में चीन का न्यू इयर है. इसके बाद देखते हैं क्या सुधार हो पाता है.
