निखिल सिन्हा, जमशेदपुर : उपायुक्त और एसएसपी के आदेश को दरकिनार कर बिष्टुपुर ब्रिज (खरकई नदी) से हर रात बड़ी संख्या में भारी वाहन पार कराये जा रहे हैं. इसके लिए वाहन चालकों से पैसे की वसूली की जाती है. आदित्यपुर की ओर जाने और उधर से अाने वाले भारी वाहनों से पैसों की वसूली का खेल रात के करीब 11 बजे से लेकर सुबह के छह बजे तक चलता है.
हर रात औसतन 150 वाहन इस पुल से पार कराये जाते हैं. चालकों और जानकारों के अनुसार, प्रत्येक वाहन से 100 रुपये की वसूली की जाती है. इस तरह हर रात करीब 15000 की वसूली कर अवैध रूप से वाहनों को जमशेदपुर शहर में घुसाया जा रहा है या फिर शहर के रास्ते आदित्यपुर की ओर भेजा जा रहा है.
हर माह करीब 4.50 लाख की वसूली हो रही है. वसूली में कोई और नहीं, बल्कि नियमों का पालन करानेवाले कुछ पुलिसकर्मी (सभी नहीं) ही शामिल हैं.कुछ पुलिस पदाधिकारी इसे रोकने की कोशिश करते हैं, पर उन्हें सफलता नहीं मिलती.
ऐसे होती है वाहनों से वसूली
प्रभात खबर की टीम रात करीब एक बजे खरकई ब्रिज के चेक प्वाइंट पर पहुंची. यहां एक दीवार के पीछे छुपकर वसूली की पूरी प्रक्रिया को अपने कैमरे में कैद किया. गुरुवार रात को चौहारे पर पीसीअार वैन (नंबर सात) खड़ी थी. वैन की अगली सीट पर एक पदाधिकारी बैठे थे. सड़क के दोनों ओर एक-एक पुलिसकर्मी खड़े थे.
एक पुलिसकर्मी बीच में खड़ा रहा. हर आने-जाने वाले वाहन को पुलिसकर्मी रोक रहे थे. चालक से रुपये लेकर ही वाहन को जाने दिया जा रहा था. कई वाहनों के चालक पहले से ही रुपये हाथ में रखे दिखे. पुलिसकर्मी के समीप आते ही रुपये पकड़ा दिया और आगे बढ़ गये. वसूली का रुपया पुलिसकर्मी पीसीआर वैन की सीट पर रखे बैग में डाल देता था. सात घंटे तक यह क्रम चलता रहा.
- हर दिन करीब 15 हजार की वसूली, माह भर में वसूले जा रहे 4.50 लाख से अधिक
- आदित्यपुर की ओर से आनेवाले और उस ओर जानेवाले हर बड़े वाहन से लिये जाते हैं पैसे
- कुछ पुलिसकर्मी ही लगे हैं वसूली में, नहीं सुनते अधिकारियों की
उपायुक्त और एसएसपी के आदेश का हो रहा उल्लंघन
पुलिसकर्मियों द्वारा इस तरह का कार्य किये जाने की कोई जानकारी नहीं है. फिर भी अगर मामला सही पाया जाता है तो जांच के बाद विभागीय कार्रवाई की जायेगी. पुलिसकर्मियों पर विशेष रूप से नजर रखी जायेगी.
अनूप बिरथरे, एसएसपी, पूर्वी सिंहभूम.
खरकई ब्रिज से व्यावसायिक वाहनों के गुजरने पर है रोक
आदित्यपुर-गम्हरिया की ओर से आनेवाले बड़े व्यावसायिक वाहनों का खरकई ब्रिज से शहर में प्रवेश करने पर रोक है. इन वाहनों को टॉल ब्रिज से होकर मरीन ड्राइव के रास्ते शहर के बाहर से ही निकल जाना है. ठीक इसी तरह शहर से कोई बड़ा व्यावसायिक वाहन खरकई ब्रिज से होकर आदित्यपुर नहीं जा सकता. पर ऐसा नहीं हो रहा, ये वाहन बिष्टुपुर के रास्ते खरकई ब्रिज होकर आदित्यपुर की ओर चले जा रहे हैं.
प्रभात खबर की टीम ने खरकई ब्रिज के पास गुजारी रात : पैसे की वसूली कर बड़े व्यावसायिक वाहनों को खरकई पुल से गुजारने की पूरी प्रक्रिया को कैमरे में कैद करने के लिए प्रभात खबर की टीम गुरुवार रात को खरकई ब्रिज पर पहुंची. कड़कड़ाती ठंड में करीब चार घंटे खरकई ब्रिज के आसपास गुजारे. वसूली की तस्वीर भी कैमरे में कैद की.
सरकार को हो रहा राजस्व नुकसान
अधिकतर बड़े वाहनों को खरकई पुल के रास्ते शहर में प्रवेश करने से टॉल ब्रिज की वसूली कम हो गयी है. इससे सरकार को राजस्व का बड़ा नुकसान हो रहा है.
उठे रहे सवाल
क्या अवैध वसूली की खबर पुलिस के आला अधिकारी को नहीं है? यह सूचना तंत्र में चूक तो नहीं?
क्या बिष्टुपुर थाना प्रभारी अथवा डीएसपी को वसूली की जानकारी नहीं है? क्या औचक जांच नहीं होती?
हर दिन पीसीआर मोबाइल घंटों एक जगह खड़ी रहती है, तो क्या उसके लोकेशन की जांच नहीं होती?
खरकई ब्रिज पर हर दिन वसूली गयी बड़ी राशि कहां जाती है?
चालकों ने कहा
प्रभात खबर की टीम ने खरकई ब्रिज पार कर आदित्यपुर की अोर जा रहे कुछ वाहनों रोका और चालक से बात की. चालकों ने बताया कि चौराहे पर खड़े पुलिसकर्मी 100 रुपये लेते हैं. बिना पैसा दिये नहीं जाने दिया जाता.
