जमशेदपु��� : हो भाषा को सरकारी मान्यता के लिए दिल्ली जंतर-मंतर में धरना-प्रदर्शन आज से

हो भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर तीन व चार दिसंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन किया जायेगा. रविवार की शाम तक झारखंड समेत पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, बिहार, छत्तीसगढ़, असम आदि राज्यों से हजारों की संख्या में लोग पहुंच चुके हैं. ऑल इंडिया हो लैंग्वेज एक्शन […]

हो भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर तीन व चार दिसंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन किया जायेगा.
रविवार की शाम तक झारखंड समेत पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, बिहार, छत्तीसगढ़, असम आदि राज्यों से हजारों की संख्या में लोग पहुंच चुके हैं. ऑल इंडिया हो लैंग्वेज एक्शन कमेटी के झारखंड प्रदेश सचिव सुरा बिरुली ने बताया कि केवल झारखंड से करीब 20 हजार लोग पहुंच गये हैं.
कई लोग अभी ट्रेन में ही हैं, जो सोमवार की सुबह को पहुंचेंगे. यह धरना-प्रदर्शन शांति तरीके से किया जायेगा. हो भाषा आंदोलन देश भर के 46 संगठनों की अगुवाई में किया जा रहा है. चार दिसंबर को धरना प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री व गृहमंत्री कार्यालय को मांग पत्र सौंपा जायेगा.
उन्होंने कहा कि हो भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लंबे समय से लड़ाई लड़ी जा रही है, बावजूद इसके केंद्र व राज्य ने हो समुदाय की मातृभाषा को ठंडे बस्ते में डालने का काम किया. अब देश के पैमाने पर भाषा आंदोलन की मुहिम तेज हो चुकी है. अब यह आंदोलन हो भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल होने के बाद ही थमेगा.

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