जमशेदपुर : एमजीएम में लापरवाही की भेंट चढ़ी मरीजों की ''राहत''

जमशेदपुर : एमजीएम में चल रहे बर्न यूनिट को अपग्रेड करने वाली योजना सरकारी अफसरों की लापरवाही की भेंट चढ़ गयी है. केंद्र सरकार द्वारा बर्न केयर यूनिट योजना को रद्द किये जाने से शहर के मरीजों को मिलने वाली बड़ी सुविधा से वंचित कर दिया गया है. नेशनल प्रोग्राम फाॅर प्रीवेंशन एंड मैनेजमेंट ऑफ […]

जमशेदपुर : एमजीएम में चल रहे बर्न यूनिट को अपग्रेड करने वाली योजना सरकारी अफसरों की लापरवाही की भेंट चढ़ गयी है. केंद्र सरकार द्वारा बर्न केयर यूनिट योजना को रद्द किये जाने से शहर के मरीजों को मिलने वाली बड़ी सुविधा से वंचित कर दिया गया है.
नेशनल प्रोग्राम फाॅर प्रीवेंशन एंड मैनेजमेंट ऑफ बर्न इंज्यूरीज योजना के तहत एमजीएम अस्पताल में केयर यूनिट बनाया जाता जिसमें ऑपरेशन से लेकर, आइसीयू, पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड, फिजियोथेरेपी सेंटर, मैन पावर, ड्रेसर की सुविधाएं मरीजों को उपलब्ध हो जाती. योजना के तहत 20 बेड की क्षमता को बढ़कर 40 हो जाती. मैन पावर की कमी से जूझ रहे बर्न यूनिट को स्वीकृत पद के अनुसार डॉक्टर व कर्मचारियों की टीम मिल जाती. इसका लाभ शहर के मरीजों को मिलता.
बर्न यूनिट में डॉक्टर व संसाधन की भारी कमी
वर्तमान में एमजीएम के बर्न यूनिट में एक डॉक्टर व एक ड्रेसर है. एमसीआइ के अनुसार बर्न यूनिट में सीनियर रेजीडेंट के तीन, असिस्टेंट प्रोफेसर व मेडिकल ऑफिसर का एक-एक पद स्वीकृत है. एमजीएम में सभी पद खाली हैं. बर्न यूनिट में शौचालय व वार्ड की स्थिति दयनीय है. दरवाजा व खिड़कियां टूटी है. इससे मरीजों को परेशानी होती है.

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