जमशेदपुर : जुगसलाई नगरपालिका के समीप दुबे मोहल्ला में रहने वाले सागर रजक की टीएमएच में शनिवार को इलाज के दौरान मौत हो गयी. ट्रांसपोर्ट कंपनी में लोडिंग-अनलोडिंग का काम करने वाला सागर 15 नवंबर को ट्रक के डाला से सीने पर लगी चोट से गंभीर रूप से जख्मी हो गया था. सागर की मौत के बाद परिवार और बस्ती के लोगों ने मुआवजा की मांग को लेकर दो बार अलग-अलग जगह सड़क जाम कर दिया.
दोपहर में लोगों ने जुगसलाई नगरपालिका के सामने तीन घंटे तक सड़क जाम रखी. तब ट्रांसपोर्ट कंपनी के मैनेजर, जुगसलाई पुलिस अौर परिजनों के बीच इलाज खर्च 1.49 लाख के अलावा 50 हजार रुपये तत्काल देने पर सहमति बनी. ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक के आने के बाद मृतक की पत्नी को नौकरी देने के लिए वार्ता पर भी सहमति बनी. तब लोगों ने जाम खत्म किया.
हालांकि जब परिजन शव लेने टीएमएच पहुंचे तो बिल जमा नहीं होने के कारण अस्पताल प्रबंधन ने शव रिलीज नहीं किया. इसके बाद आक्रोशित परिजनों ने ट्रांसपोर्ट कंपनी के गेट पर अर्थी रखकर रोड जाम कर दिया. वार्ता में सहमति नहीं बनने पर परिवार और बस्ती के लोग शाम छह जुगसलाई वीर कुंवर सिंह चौक पहुंच गये और स्टेशन रोड को जाम कर दिया.
परिजनों का कहना था कि ट्रांसपोर्टर ने बिल जमा कराने का आश्वासन दिया था लेकिन अब वह बिल माफ कराने के चक्कर में है. डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर आलोक रंजन, बागबेड़ा थाना प्रभारी लक्ष्मण प्रसाद मौके पर पहुंचे और परिजनों से वार्ता की. डीएसपी ने लोगो से लिखित शिकायत लेकर रविवार को टाटा प्रबंधन से बात कर शव को दिलाने का आश्वासन दिया. इसके बाद परिजन और बस्ती के लोगों ने रात नौ बजे जाम हटाया. हालांकि देर रात विधायक रामचंद्र सहिस के हस्तक्षेप के बाद उनके प्रतिनिधि मानिक मल्लिक ने टीएमएच प्रबंधन से बात की और शव रिलीज कराया. सागर का अंतिम संस्कार अब आज किया जायेगा.
सागर रजक के भाई सूरज रजक ने बताया कि रांची-टाटा ट्रांसपोर्ट में माल ढोने का काम करने वाला उसका भाई सागर 15 नवंबर को जख्मी हो गया था. उसका इलाज टीएमएच में चल रहा था जहां शनिवार की सुबह उसकी मौत हो गयी. मृतक सागर रजक को पत्नी और एक चार वर्ष काबेटा है.
