जमशेदपुर: कोल्हान विश्वविद्यालय में नये सत्र से बीएड की फीस में 15 हजार रुपये तक की वृद्धि की गयी है. इसके साथ ही विश्वविद्यालय में इस वर्ष शुरू होनेवाले एमएड के लिए भी फीस का निर्धारण किया गया है. गुरुवार को विश्वविद्यालय वित्त समिति (फाइनांस कमेटी) की बैठक में यह निर्णय लिया गया. विश्वविद्यालय की ओर से बताया गया कि बीएड चूंकि स्ववित्त पोषित (सेल्फ फाइनांसिंग) कोर्स है.
इसलिए कोर्स संचालन में वित्तीय परेशान को देखते हुए दो वर्ष पूर्व से ही फीस वृद्धि पर विचार चल रहा था. इसे लेकर विश्वविद्यालय ने एक कमेटी का गठन किया था, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद गुरुवार को संपन्न बैठक में विभिन्न बिंदुओं पर विचार करते हुए फीस वृद्धि का निर्णय लिया गया. इसके अलावा टीए, डीए रूल रिवीजन, परीक्षा कॉपी मूल्यांकन भत्ता आदि पर भी निर्णय लिये गये. फीस वृद्धि समेत सभी निर्णयों से संबंधित प्रस्ताव विश्वविद्यालय की अगली सिंडिकेट मीटिंग में प्रस्तुत किये जायेंगे. बैठक कुलपति डॉ आरपीपी सिंह की अध्यक्षता में हुई, जिसमें प्रतिकुलपति डॉ शुक्ला महंती, वित्त परामर्शी ब्रजेश तिवारी, प्रो रवींद्र सिंह, प्रो डीपी जाट, विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में कुलसचिव डॉ डीएन महतो, डॉ गंगा प्रसाद सिंह व कमेटी के सदस्य सचिव वित्त अधिकारी सुधांशु कुमार शामिल हुए.
जेनरल व ओबीसी के लिए 43 हजार, एससी-एसटी के लिए 35 हजार रुपये
बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसार नये सत्र से जेनरल व ओबीसी उम्मीदवारों के लिए बीएड की फीस 43 हजार रुपये होगी. जबकि एससी-एसटी उम्मीदवारों की फीस में 10 हजार रुपये की वृद्धि की गयी है. इन कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए फीस अब 35 हजार रुपये होगी.
एमएड की फीस 90 हजार रुपये
विश्वविद्यालय में इस वर्ष एमएड की भी पढ़ाई शुरू हो रही है. इसकी फीस सामान्य व ओबीसी उम्मीदवारों के लिए 90 हजार रुपये होगी. जबकि एससी-एसटी कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए 75 हजार रुपये होगी. एनसीटीइ से विश्वविद्यालय में एमएड की मान्यता मिलने के बाद इसमें नामांकन व पढ़ाई शुरू करने की भी प्रक्रिया चल रही है. इसके मद्देनजर फाइनांस कमेटी की बैठक में एमएड की फीस का निर्धारण किया गया. बताया गया कि फिलहाल जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज की तर्ज पर ही इस फीस का निर्धारण किया गया है.
