नवंबर से लागू होगा झारखंड अनिवार्य विवाह अधिनियम

जमशेदपुर : राज्य में झारखंड विवाह अनिवार्य निबंधन अधिनियम नवंबर से लागू होगा. शहरी क्षेत्रों में विवाह निबंधन नगर निगम, नगरपालिका, अधिसूचित क्षेत्र समिति, नगर परिषद, नगर पंचायतों में वही पदाधिकारी करेंगे जो वर्तमान में जन्म एवं मृत्यु का निबंधन करते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में निबंधन का काम फिलहाल जन्म एवं मृत्यु का निबंधन करने […]

जमशेदपुर : राज्य में झारखंड विवाह अनिवार्य निबंधन अधिनियम नवंबर से लागू होगा. शहरी क्षेत्रों में विवाह निबंधन नगर निगम, नगरपालिका, अधिसूचित क्षेत्र समिति, नगर परिषद, नगर पंचायतों में वही पदाधिकारी करेंगे जो वर्तमान में जन्म एवं मृत्यु का निबंधन करते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में निबंधन का काम फिलहाल जन्म एवं मृत्यु का निबंधन करने वाले पदाधिकारी करेंगे.
नयी नियमावली के तहत हर जाति-धर्म के लोगों को शादी का निबंधन कराना अनिवार्य होगा. निबंधन नहीं कराने पर प्रतिदिन पांच रुपये और अधिकतम 100 रुपये तक दंड शुल्क देना होगा. इसके अलावा 50 रुपये अनिवार्य विवाह निबंधन शुल्क के रूप में जमा कराना होगा. विवाह निबंधन प्रमाण पत्र के लिए 50 रुपये देना होगा. विशेष पदाधिकारी को इसका पूरा अधिकार होगा.
अधिनियम में शामिल : विशेष विवाह अधिनियम 1954, हिंदू विवाह अधिनियम 1956, भारतीय इसाई विवाह अधिनियम 1872, मुसलिम पर्सनल लॉ अधिनियम (शरीयत) 1937, आनंद विवाह अधिनियम 1909, काजी अधिनियम 1880, विदेशी विवाह अधिनियम 1969, पारसी विवाह एवं तलाक अधिनियम 1935 एवं विवाह से संबंधित अन्य पर्सनल लॉ अथवा परंपरा के तहत होने वाली शादी का निबंधन कराना होगा.
रजिस्ट्री ऑफिस में भी होंगी नयी शादियां. उक्त निबंधन के अलावा रजिस्ट्री ऑफिस में भी शादियां होती रहेंगी. इसके तहत हिंदू विवाह अधिनियम 1956, विशेष विवाह अधिनियम 1954 और आनंद विवाह अधिनियम 1909 के तहत शादी होती रहती है.
किसका होगा निबंधन
1. वर की आयु न्यूनतम 21 एवं वधू की 18 वर्ष अनिवार्य होगी.
2. दोनों में किसी का पति व पत्नी जीवित नहीं हो.
3. दोनों के पर्सनल लॉ में ऐसा कोई नियम न हो.
3. वर-वधू में कोई पागल या मानसिक रूप से असंतुलित न हो.
4. मानसिक असंतुलन के कारण विवाह सहमति देने में अक्षम न हो.
5. अगर किसी को आपत्ति हो तो वह निबंधन के एक सप्ताह के भीतर निर्धारित शुल्क 50 रुपये के साथ आवेदन करेगा.
6. निबंधक द्वारा दो माह के भीतर जांच कर अादेश पारित किया जाएगा

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