गोपाल मैदान में करम महोत्सव में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश बोले
जमशेदपुर : गाेपाल मैदान में शनिवार काे आयाेजित करम महाेत्सव में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने भाग लिया. उन्होंने कहा कि करम पर्व का अपना ऐतिहासिक महत्व है, जिसे दुनिया काे जरूर समझना चाहिए.
कुड़मी व आदिवासी की पहचान एक जैसी है. कुड़मी का हक मिलना चाहिए. झारखंड आंदोलन के दाैरान भी साथ-साथ रहे. ऐसे में जब कुड़मी की पहचान एक समान है, तो अड़चनाें काे दूर कर उनके हक का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए. गोपाल मैदान में कुड़मी सेना के करम महोत्सव समारोह में वे बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे.
उन्होंने कहा कि करम पर्व प्रकृति संग प्रेम का पर्व है, यह पर्व सिर्फ आदिवासी व कुड़मी समाज का नहीं है, बल्कि पूरे समाज का पर्व है. कुड़मी समाज शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है. हरिवंश ने कहा कि झारखंड राज्य के निर्माण में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अहम भूमिका निभायी थी.
बिहार विस में अलग राज्य बनाने के लिए बिहार विघटन बिल पास कराया. 2000 में नीतीश कुमार जब पहली बार मुख्यमंत्री बने, पहला काम यही किया.
समाराेह में कुड़मी सेना के केंद्रीय अध्यक्ष शैलेंद्र महताे ने कहा कि सरकार यदि कुड़मियाें काे आदिवासी का दर्जा देने के प्रति गंभीर साेच रखती है, ताे वह कुड़मियाें काे आदिवासी बनानेवाला राजपत्र लेकर आये, कुड़मी समाज काे किसी से आैर कुछ कहने की जरूरत नहीं पड़ेगी. समारोह में जदयू के प्रदेश अध्यक्ष जलेश्वर महताे, बिहार सरकार के मंत्री शैलेश कुमार ने भी अपनी बातें रखीं.
