रांची : लोकसभा चुनाव को लेकर चुनावी जमीन तैयार हो रही है़ पार्टियों ने तैयारी शुरू कर दी है़ पार्टियां संगठन से जुड़े लोगों को चुनावी टास्क दे रही है़ इधर, पार्टी के बड़े नेता भी अपने-अपने क्षेत्र को दुरुस्त करने में लगे है़ं समय दे रहे है़ं
कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से संपर्क बढ़ाये हुए है़ं चुनावी गणित का हिसाब ठीक कर रहे है़ं कई पार्टियों के अध्यक्ष और वरिष्ठ नेताओं की प्रतिष्ठा आनेवाले चुनाव में दांव पर होगी़ भाजपा, कांग्रेस, झाविमो, आजसू जैसी पार्टियों के कई दिग्गज है़ं कई पार्टियों के प्रदेश अध्यक्ष के सामने ही चुनौती है़
संगठन के काम के साथ चुनावी टेंशन भी है़ झाविमो अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, भाजपा के अर्जुन मुंडा, कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ अजय कुमार, आजसू के सुदेश कुमार महतो सहित कई नेताओं के लिए आनेवाला चुनाव महत्वपूर्ण होगा़
शह-मात के खेल के बीच हो रही तैयारी : बाबूलाल मरांडी ने कोडरमा सीट से चुनाव लड़ने का मन बनाया है़ लोकसभा चुनाव में कोडरमा से ही वह भाग्य अाजमायेंगे़ कार्यकर्ताओं को इसमें लगाया गया है़
श्री मरांडी कोडरमा संसदीय क्षेत्र में समय भी दे रहे है़ं इधर पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के लोकसभा चुनाव लड़ने की भी चर्चा है़ सियासी गलियारे में चर्चा है कि वे खूंटी या जमशेदपुर से चुनाव लड़ सकते है़ं वहीं डॉ अजय कुमार भी लोकसभा चुनाव के सहारे राजनीतिक ठौर तलाशेंगे़ वे जमशेदपुर से मैदान में उतरने की तैयारी में है़ं इसके लिए वह फील्ड तैयार कर रहे है़ं कांग्रेस के ही पूर्व अध्यक्ष सुखदेव भगत लोकसभा चुनाव के लिए मन बना रहे है़ं लोहरदगा सीट को लेकर कांग्रेस के अंदर शह-मात का खेल चल रहा है़ वहीं विधानसभा चुनाव सुदेश कुमार महतो के लिए महत्वपूर्ण होगा.
गठबंधन से तय होगी राजनीति की दिशा : दूसरी तरफ, आनेवाले चुनाव में एनडीए-यूपीए की गठबंधन से राजनीतिक दिशा तय होगी़ यूपीए खेमा में खास कर गठबंधन के अंदर बहुत कुछ तय होना है़ कांग्रेस, झामुमो के लिए बाबूलाल मरांडी के लिए सीट छोड़ने की परेशानी नहीं है, लेकिन गोड्डा सीट पर मामला अटक रहा है़
गोड्डा से झाविमो विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ताल ठोंक रहे है़ं इस सीट पर कांग्रेस के फुरकान अंसारी सामने है़ं झाविमो के साथ गठबंधन को लेकर किचकिच तय है़ इसी तरह एनडीए के अंदर भी आजसू को लेकर बात होनी है़
