जमशेदपुर : जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज में इंटरमीडिएट के अलग-अलग वर्ग में दाखिले के लिए आवेदन जमा किये गये, लेकिन संबंधित आवेदन पर इंटरमीडिएट के को-ऑडिनेटर के हस्ताक्षर नहीं हुए. मामले की शिकायत मिलने के बाद कॉलेज के प्राचार्य डॉ एनआर चक्रवर्ती ने एडमिशन काउंटर पर छापेमारी की.
पता चला कि कॉलेज के एडमिशन सेक्शन का क्लब सीधे छात्रों से इंटर एडमिशन का फॉर्म जमा ले रहा है. क्लर्क की ओर से प्रति छात्र 50 रुपये की वसूली की जा रही थी. छात्रों ने प्राचार्य को बताया कि को-ऑर्डिनेटर के साइन किये हुए आवेदन को जमा लेेने में देरी की जा रही थी. जांच में पता चला कि अलग-अलग संकाय में करीब 78 आवेदन बिना हस्ताक्षर के जमा किये गये.
इन छात्र-छात्राओं से एक दिन में करीब 3900 रुपये की वसूली की गई. प्रभात खबर ने गत छह अगस्त को डिग्री कॉलेजों में इंटर की पढ़ाई को निजी फायदे का सौदा बताते हुए रिपोर्ट प्रकाशित की थी. एक हफ्ते से कम समय में इसकी सच्चाई सामने आ गई.
जांच में हुआ खुलासा, लिपिक से लिया गया माफीनामा
प्राचार्य डॉ एनआर चक्रवर्ती की ओर से की गयी जांच में छात्रों के आरोप सही पाये गये. पता चला कि को-ऑडिनेटर के साइन के बिना आवेदन फॉर्म को जमा लिया जा रहा था. नियमानुसार बिना को-ऑर्डिनेटर के हस्ताक्षर के कोई आवेदन जमा ही नहीं लेना था. जांच में गलती पकड़े जाने पर आरोपी लिपिक ने अपनी गलती मानी.
इस मामले में प्राचार्य को लिखित माफीनामा दिया गया. इंटर के आवेदन लेने के समय में भी छात्रों से 50 रुपये अधिक लेने का मामला उजागर हुआ था. इसकी शिकायत कई छात्रों ने की. कॉलेज प्रशासन ने इसे गलत करार दिया.
