पोटका पुलिस ने कंपनी मालिक के आवास पर की छापेमारी, बंद मिला घर
पोटका/जमशेदपुर : पोटका थानांतर्गत खापरसाई-सामरसाई स्थित पेट्रोटेक मोबिल रिफाइनिंग कंपनी में टंकी की सफाई के दौरान दो मजदूरों की मौत के दूसरे दिन भी मुआवजे पर फैसला नहीं हो सका. इस कारण एमजीएम अस्पताल में दोनों मजदूरों के शव बिना पोस्टमॉर्टम के शीतगृह में ही पड़े रहे. फरार कंपनी मालिक की तलाश में भी पोटका पुलिस को निराशा हाथ लगी. हादसे के बाद से कंपनी में भी ताला लटका हुआ है.
गुरुवार सुबह ग्रामीण बीस-बीस लाख के मुआवजे की मांग लेकर पोटका थाना पहुंचे. दिनभर इंतजार के बाद शाम को कंपनी के प्रतिनिधि पहुंचे, लेकिन ढाई-ढाई लाख देने की बात कही. इस पर मृतकों के परिजन सहमत नहीं हुए. दूसरी तरफ कंपनी मालिक नवीन अग्रवाल की तलाश में पोटका पुलिस ने गोलमुरी पुलिस की मदद से दोपहर में रामदेव बगान में छापेमारी की, लेकिन घर पर ताला बंद मिला. पोटका थाने में थाना प्रभारी विनोद कुमार सिंह की मौजूदगी में मृतकों के परिजनों की ओर से पूर्व मंत्री सह सरायकेला के विधायक चंपई सोरेन एवं पेट्रोटेक मोबिल रिफाइनिंग कंपनी के प्रतिनिधि मनीष अग्रवाल के बीच वार्ता हुई
दोपहर तक बात नहीं बनी तो कंपनी मालिक के द्वार पर रख देंगे शव : चंपई : वार्ता विफल होने के बाद चंपई सोरेन ने कहा कि मृतकों के परिजन काफी गरीब है और वही घर का सहारा थे. कंपनी मालिक ने कंपनी चलाने के लिए सुरक्षा तकनीक नहीं अपनाया, जिससे यह हादसा हुआ.
यह कंपनी प्रबंधन की लापरवाही है. मृतकों के परिजनों द्वारा साठ साल की अवधि तक पांच-पांच हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से मुआवजा राशि देने की मांग की गयी जो 20-20 लाख रुपये बनती है. कंपनी प्रबंधन इस पर राजी नहीं है. कंपनी प्रबंधन शुक्रवार सुबह तक यदि मुआवजे पर फैसला नहीं करता है, तो दोनों मृतकों के शव को कंपनी मालिक के द्वार पर रख दिया जायेगा.
कारखाना निरीक्षक जायजा लेने पहुंचे : गुरुवार को कारखाना निरीक्षक विनीत कुमार घटनास्थल की जांच करने पहुंचे. सूत्रों के अनुसार कंपनी पर मुकदमा करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गयी है.
