कई अपराधियाें की पहचान करने में होती है दिक्कत
स्केच बना कर अपराधियों की तस्वीर निकालने से पुलिस को मिल चुकी है सफलता
जमशेदपुर : जिला पुलिस के पास अपराधियों का स्केच बनाने वाले वाला कोई भी एक्सपर्ट नहीं है. कोई बड़ी घटना होने पर अगर मौके पर मौजूद लोग पुलिस को अपराधियों का हुलिया बताते हैं, तो स्केच बनाने के लिए जिला पुलिस रांची या फिर धनबाद से स्केच बनाने वाले एक्सपर्ट को बुलाते हैं. जिसके बदले में पुलिस उन्हें रुपये देती है. स्केच बनाने वाला एक्सपर्ट नहीं होने के कारण पुलिस को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. स्केच बनाने वाले एक्सपर्ट के नहीं होने पर पुलिस को अपराधियों का सही चेहरा सामने नहीं आ पाता है. ऐसे में पुलिस को अपराधी को पकड़ने और अनुसंधान करने में काफी परेशानी होती है.
ऐसे में कई बार छिनतई करने वाले अपराधियों का हुलिया महिला और अन्य पीड़ित द्वारा बतायी जाती है. लेकिन पुलिस बहुत कुछ चाह कर भी कोई ठोस कदम नहीं उठा पाता है. ऐसे में जहां अनुसंधान में बिलंब होता है. वहीं दूसरी ओर पीड़ित को भी बार बार थाना का चक्कर लगाना पड़ता है. हाल के दिनों में कुछ अपराधियों के स्केच पुलिस ने फोटो बनाने वालों से बनायी थी. लेकिन पुलिस को उसके माध्यम से सफलता हासिल नहीं हो पाया था.
पूर्व में पुलिस के पास था स्केच एक्सपर्ट : कुछ वर्ष पूर्व जिला पुलिस शहर के ही एक व्यक्ति को स्केच बनाने के लिए रखा था. जोकि साकची के रहने वाले थे. लेकिन कई वर्षों से उसके बारे में भी कोई जानकारी पुलिस को नहीं है. पूर्व में घटना होने पर पुलिस साकची के रहने वाले उस युवक को थाना बुलाती थी. उसके बाद घटना के बारे में पूरी जानकारी स्केच एक्सपर्ट को बताया जाता था. लेकिन हाल के कई वर्षों से उसके बारे में पुलिस को भी कोई जानकारी नहीं है. जिस कारण से वर्तमान में पुलिस के पास कोई भी स्केच एक्सपर्ट नहीं है. जिससे सबसे ज्यादा परेशानी पुलिस को उठानी पड़ रह है.
इन कांडों में पुलिस ने बनवाया था स्केच
केस :1
कदमा में खेमलता हत्याकांड में भी पुलिस ने युवक का स्केच तैयार करवाया था. स्केच बनवाने के लिए पुलिस ने रांची से एक्सपर्ट बुलाया था. पड़ोस की एक महिला ने पुलिस को बताया था कि एक युवक खेमलता के घर पर आया था. महिला के बताये गये हुलिया के आधार पर पुलिस ने स्केच बनवाया था. बाद में वही युवक हत्यारा निकला था. हालांकि मोबाइल ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस को सफलता मिली थी.
मानगो थानांतर्गत एनएच-33 स्थित बालीगुमा के एक फ्लैट में घर के सभी लोगों का हाथ- पैर बांध कर डकैती करने आये अपराधियों ने डकैती कर ली थी. जिसके बाद पुलिस ने घर वालों के बताये गये हुलिया के आधार पर स्केच बनवाये थे. हालांकि इस स्केच के माध्यम से पुलिस ने समान कुछ गहने बरामद किये. लेकिन घटना को अंजाम देने वाले सभी लोग नहीं पकड़े गये.
स्केच से अनुसंधान में मिलती है सफलता : एसएसपी
जिला के एसएसपी अनूप बिरथरे ने बताया कि जिन कांड में पुलिस को कोई भी सुराग नहीं मलती है. वैसे मामलों में पुलिस घटना स्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ के आधार पर अपराधियों का स्केच तैयार करवाती है. स्केच के बनने से बगैर सुराग वाले कांड के अनुसंधान में पुलिस को काफी मदद मिलती है. जिला में भी कई कांड में अनुसंधान हेतू स्केच बनाया गया है. लेकिन जिला पुलिस के पास स्केच बनाने वाला कोई एक्सपर्ट नहीं है. जिस कारण से जरूरत पड़ने पर रांची या धनबाद से स्केच एक्सपर्ट को बुलाया जाता है.
