धालभूमगढ़ : अपहरण करने के बाद खड़गपुर में मंदिर में की थी शादी

जमशेदपुर : धालभूमगढ़ की नाबालिग लड़की का अपहरण करने और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी गणेश नामता को एडीजे-1 की कोर्ट ने बुधवार को सात वर्ष की सजा सुनायी. मामले में कोर्ट ने गणेश नामता को एक जुलाई को दोषी करार कर दिया था. इस केस में छह लोगों की गवाही कोर्ट में करायी […]

जमशेदपुर : धालभूमगढ़ की नाबालिग लड़की का अपहरण करने और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी गणेश नामता को एडीजे-1 की कोर्ट ने बुधवार को सात वर्ष की सजा सुनायी. मामले में कोर्ट ने गणेश नामता को एक जुलाई को दोषी करार कर दिया था. इस केस में छह लोगों की गवाही कोर्ट में करायी गयी थी, जिसके बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार कर दिया था. घटना 16 दिसंबर 2012 की है. घटना को लेकर लड़की के पिता ने धालभूमगढ़ थाना में केस दर्ज कराया था.

दर्ज मुकदमा के अनुसार गणेश नामता अपहरण करने के बाद लड़की को खड़गपुर लेकर गया था और वहां एक मंदिर में उससे जबरन शादी कर ली थी. साथ ही खड़गपुर में ही एक घर में उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध भी बनाया था. लड़की ने कोर्ट को को अपने बयान में बताया था कि गणेश को वह पहले से नहीं जानती थी. जब वह खड़गपुर पहुंची ,तो वह बेहोश थी. दुष्कर्म के दौरान भी आरोपी ने उसे बेहोश कर दिया था.

एक-डेढ़ माह बाद लौटी थी गांव : लड़की ने अपने बयान में कोर्ट को बताया था कि करीब डेढ़ माह खड़गपुर में रहने के बाद आरोपी उसे धालभूमगढ़ उसके गांव लाकर छोड़ दिया था. फिर वह अपने पिता को घटना को लेकर सारी जानकारी दी थी, जिसके बाद धालभूमगढ़ थाना में आरोपी गणेश नामता के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कराया गया था. लेकिन जांच के दौरान पुलिस ने दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया था.

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