जमशेदपुर : जुगसलाई नगरपालिका के लेखापाल (एकाउंटेंट) विनय कुमार शर्मा को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को 25 हजार रुपये घूस लेते उसके ऑफिस से रंगेहाथ गिरफ्तार किया. वह जुगसलाई नपा की पूर्व महिला कर्मचारी की मौत के बाद उसके सेवाकाल का पैसा देने के एवज में मृतक के बेटे से अग्रिम घूस ले रहा था. एसीबी के डीएसपी अमर पांडेय के नेतृत्व में छापामारी कर उसे पकड़ा गया. जमशेदपुर कोर्ट में प्रस्तुत करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरजामदा पुरानी बस्ती निवासी सृष्टिधर मुखी की मां जुगसलाई नगरपालिका में सफाई कर्मचारी थी. काम के दौरान उनकी मौत के बाद उनके परिवार को सरकार के गाइडलाइन के मुताबिक आठ लाख 33 हजार रुपये मिलने थे. इनमें चार लाख रुपये का भुगतान बेटे सृष्टिधर मुखी को कर दिया गया था. इसके अलावा सेवानिवृत्ति लाभ, पीएफ, ग्रेच्यूटी व अवकाश भत्ता आदि की राशि मिलनी थी. लेकिन, इस राशि को देने के बदले लेखापाल विनय कुमार शर्मा 50 हजार रुपये घूस मांग रहा था.
सृष्टिधर मुखी ने एसीबी थाने में की थी शिकायत
लेखापाल द्वारा पैसे नहीं देने की लिखित शिकायत सृष्टिधर मुखी ने एसीबी के सोनारी स्थित थाना में की. एसीबी की टीम ने पूरे मामले का सत्यापन किया. इसके बाद एसीबी ने टीम बनाकर लेखपाल को रंगेहाथ राशि गिरफ्तार करने की योजना बनायी. समन्वय बनाकर टीम ने सृष्टिधर को लेखपाल के पास भेजा और 50 हजार घूस की राशि कम करने का आग्रह करवाया. जब लेखपाल विनय कुमार शर्मा नहीं माना तो सृष्टिधर ने कहा कि 25 हजार रुपये वह तीन जुलाई (मंगलवार) को आकर दे जायेगा, शेष राशि दूसरे दिन देगा.
इस पर विनय कुमार शर्मा राजी हो गया. एसीबी की टीम का एक सदस्य भी सृष्टिधर के साथ था. तय समय के मुताबिक, एसीबी की टीम ने मंगलवार को दिन के साढ़े ग्यारह बजे पूरी रणनीति के साथ विनय कुमार शर्मा के पास भेजा. सृष्टिधर मुखी ने जैसे ही लेखपाल को पैसे पकड़ाये, एसीबी की टीम ने उसे धर-दबोचा. इसके बाद केमिकल टेस्ट कराकर व सारे सबूत सामने लाने के बाद उसे सोनारी स्थित एसीबी थाना ले आयी जहां से उसे चालान कर दिया गया.
