जुस्को के पाइप से मोटर जोड़ा तो कटेगा पानी का कनेक्शन

जमशेदपुर : जुस्को ने कनेक्शन वाले पानी की पाइप में मोटर लगाने पर रोक लगा दी है. अगर लाइन से मोटर नहीं हटाया जाता है, तो ऐसे उपभोक्ता के पानी का कनेक्शन काटा जा सकता है.जुस्को प्रबंधन का कहना है कि शहर के कई इलाकों से शिकायत मिल रही है कि उनके यहां पानी नहीं […]

जमशेदपुर : जुस्को ने कनेक्शन वाले पानी की पाइप में मोटर लगाने पर रोक लगा दी है. अगर लाइन से मोटर नहीं हटाया जाता है, तो ऐसे उपभोक्ता के पानी का कनेक्शन काटा जा सकता है.जुस्को प्रबंधन का कहना है कि शहर के कई इलाकों से शिकायत मिल रही है कि उनके यहां पानी नहीं आता है, क्योंकि आसपास के लोग पानी ऊपरी तल्ले तक पहुंचाने के लिए मोटर लगा दिये हैं.
म्यूनिसिपल एक्ट के प्रावधानों का हवाला देते हुए जुस्को ने ऐसे उपभोक्ताओं से मोटर हटाने का समय दिया है. उसके बाद भी अगर मोटर नहीं हटा, तो अभियान चलाकर मोटर जब्त करने के साथ-साथ पानी का कनेक्शन हटाने की दिया जायेगा.
जुस्को प्रबंधन ने बहुमंजिली इमारतों में रहने वालों को सलाह दी है कि घर में ही जमीन में एक संप (पानी का टंकी) बनायें. वहां पहले पानी को स्टोर कर लें और उसके बाद मोटर के जरिये पानी ऊपर ले जायें. पानी के कनेक्शन में ही मोटर लगा देने से अगल-बगल के घरों में पानी का प्रेशर कम होता है. जिससे दूसरे लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंचता है.
पानी का मोटर लगाने वालों पर कार्रवाई होगी : जुस्को. जुस्को के प्रवक्ता राजेश राजन ने बताया कि पानी का प्रेशर ठीक है. लेकिन, कुछ लोग मोटर लगाकर पानी खींच रहे हैं. इसे लेकर कार्रवाई की जायेगी.
प्रेशर कम, इमारतों का ज्यादा लेती है जुस्को. आम लोगों की शिकायत है कि कई इलाके में जुस्को के पानी का प्रेशर काफी कम है, जिस कारण मोटर लगाना पड़ता है. प्रेशर अगर ठीक होता, तो पहली मंजिल तक तो पानी टंकी में अवश्य पहुंच पाता. वहीं, लोगों का कहना है कि जुस्को बहुमंजिली इमारतों का पैसा ज्यादा लेती है.
जुस्को ने टाटा कमांड क्षेत्र में पानी का रेट एक साल पहले (एक जुलाई 2017 को) ही लागू किया था. प्लॉट के आकार के आधार पर प्रत्येक तल के लिए 110 से 400 रुपये तक पानी का शुल्क तय किया गया था. जुस्को ने सर्वे के बाद तीन स्तर पर पानी के बिल में बढ़ोतरी की थी. 1600, 2500 और 5 हजार से ज्यादा वर्गफुट के लिए पानी का अलग-अलग बिल तय किया था. वहीं, वैसे गैर कंपनी कर्मचारी जिन्हें कंपनी क्वार्टर आवंटित हैं, उन्हें भी क्वार्टर, फ्लैट व बंगला का बढ़ा हुआ बिल देना होगा.

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