जमशेदपुर : जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास के नाम पर सरकार साल 2010 से 2017 तक 115 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है. अब अगले तीन साल में 84 करोड़ खर्च करने की योजना है.केंद्र की आइएपी योजना के तहत हर साल जिले को 28 करोड़ रुपये मिलेंगे. इसमें इन क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्र, पुल व रोड का निर्माण, स्कूलों के कमरे, बेंच-डेस्क, बिजली के लिए पावर स्टेशन आदि का निर्माण कराया जायेगा.
केंद्र सरकार ने साल 2010 से 2012-13 तक इंटीग्रेटेड एक्शन प्लान (आइएपी) योजना में जिला को तीन साल के लिए 85 करोड़ रुपये दिया था. 2013-2014 अौर 2014-15 में केंद्रीय सहायता (एसीए) योजना चलायी गयी थी जिसमें पूर्वी सिंहभूम को 30 करोड़ रुपये नक्सल प्रभावित क्षेत्र में रोड, पुलिया निर्माण के लिए दिये गये थे. अब केंद्र सरकार ने विशेष केंद्रीय सहायता योजना शुरू की है.
गृह विभाग के प्रधान सचिव एसकेजी रहाटे ने बीते दिनों शहर में इसकी समीक्षा की थी. विशेष केंद्रीय सहायता में जिले को हर साल 28 करोड़ के हिसाब से तीन साल के लिए 84 करोड़ रुपये मिलेंगे. पंचायतों में विकास के लिए दिया गया अलग फंड : पंचायतों में पंचायत स्तरीय विकास के लिए 14वें वित्त आयोग की ओर से अलग से फंड दिया जाता है. तीन साल की अवधि (2015-18) में नक्सल प्रभावित पांच प्रखंडों में पटमदा को 6.42 करोड़, घाटशिला को 9.91 करोड़, डुमरिया को 5.07 करोड़, गुड़ाबांधा को 3.62 करोड़ रुपये अौर धालभूमगढ़ को 4.75 करोड़ का आवंटन दिया गया था
30 गांवों में चल रहा है डेवलपमेंट प्लान
पूर्वी सिंहभूम जिले में अलग से नक्सल फोकस एरिया डेवलपमेंट प्लान चल रहा है, जिसके अंतर्गत नक्सल प्रभावित गुड़ाबांधा, डुमरिया, घाटशिला, धालभूमगढ़ अौर पटमदा प्रखंड के 30 गांवों में विकास के लिए विभिन्न विभागों द्वारा फोकस कर कार्य योजना तैयार की गयी थी. जलापूर्ति, रोड निर्माण व दूसरी योजनाएं यहां संचालित हो रही है.
